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Monday, October 5, 2020

चौथे दिन धरने में भारतीय किसान यूनियन नेता बूटा सिंह बोले-किसानों ने कृषि कानूनों को कोरोना से बड़ी महामारी मान तीखे संघर्ष का रास्ता अपनाया

केंद्र सरकार की ओर से बनाए 3 कृषि कानूनों के खिलाफ 31 किसान संगठनों ने रविवार को फाजिल्का के रेलवे ट्रैक पर जारी अनिश्चितकाल धरने के चौथे दिन रेल चक्का जाम व कारपोरेट घरानों का घेराव कर रोष प्रदर्शन किया। इस संघर्ष में किसानों का दो टोल प्लाजा के आगे धरना-प्रदर्शन जारी हैं। इससे टोल प्लाजा का कामकाज पूरी तरह से ठप होने से रोजाना एक टोल प्लाजा पर 4 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।

इस प्रकार अब तक दोनों टोल प्लाजा का कुल 32 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है। रेलवे ट्रैक पर धरने को संबोधित करते भाकियू के नेता बूटा सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकारें कृषि सुधार के नाम पर किसान-मजदूर विरोधी नई नीतियों को तेजी से लागू कर रही हैंै। केंद्र की मोदी सरकार ने तीन नए कानून बनाकर कारपोरेट घरानों को किसान, मजदूरों, दुकानदारों, सब्जी व अनाज मंडियों से जुड़े छोटे कारोबारियों की लूट करने की खुली छूट दे दी है।

यह कानून कोरोना महामारी की आड़ में लोगों की जुबान बंद करके और राज्यसभा में बिना वोट डलवाए लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पंजाब की कैप्टन सरकार ने भी कोरोना की आड़ में इन कानूनों को पास करवाने के लिए पाबंदियां लगाई लेकिन अब किसान संगठनों की ओर से इन कानूनों को कोरोना महामारी से बड़ी महामारी मानकर तीखे संघर्ष का रास्ता चुना है। उन्होंने बताया कि सोमवार को बीकेयू सिद्धूपुर एकता के प्रांतीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डलेवाल पहुंचेंगे तथा उक्त धरने को संबोधन करेंगे।

जलालाबाद में रिलायंस पंप पर धरना जारी

कृषि कानून के विरुद्ध चल रहे संघर्ष के तहत पिछले तीन दिनों से रिलायंस पंप और जलालाबाद-फिरोजपुर रोड पर गांव माहमूजोईया समीप टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन जारी है। धरने के चौथे दिन आंगनबाड़ी यूनियन की महिलाओं ने भाग लिया और धरने का समर्थन करते केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। किसानों के मुताबिक सरकार ने किसानों के रोष को देखते हुए रेलों को अस्थाई तौर पर बंद किया हुआ है।

किसानों ने भाजपा पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। इस धरने को जिला प्रधान गुरविंदर सिंह मन्नेवाला, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतपाल भोडीपुर, उपाध्यक्ष मेजर सिंह चक्क सौदोके, सुरजीत सिंह रत्ताखेड़ा, जसवंत सिंह रत्ताखेड़ा, ब्लाक प्रधान हरमीत सिंह ढाबां, चरनजीत सिंह, निर्मलजीत बराड़, राजप्रीत सुल्ला, सुदर्शन सिंह, विजय कुमार, सतवंत सिंह, कशमीर लाल, रघबीर चंद, वाटर सप्लाई सेनिटेशन विभाग ठेका कर्मचारी यूनियन से जसविंदर सिंह, सुखचैन सिंह सोढी, आंगनवाड़ी यूनियन से छिंदर कौर ब्लाक प्रधान, कुलजीत कौर ब्लॉक गुरुहरसहाय, दलजीत सिंह, पूर्ण तंबूवाला आदि ने संबोधित किया।

वाहन बिना टोल पर्ची के गुजर रहे

कृषि कानूनों के विरोध में फाजिल्का-फिरोजपुर रोड पर स्थित गांव थेह कलंदर के पास टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसानों ने दूसरे दिन भी टोल कंपनी के काम को ठप रखा और वाहन बिना टोल पर्ची कटाए ही निकल रहे थे। यह धरना 3 अक्टूबर से चल रहा है, जो आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब के खेतों पर केंद्र की आंख है और वो इस पर अपने चहेतों कारपोरेट कंपनियों के जरिए इस पर कब्जा कराना चाहते हैं, परंतु मोदी जी जान लो पंजाब का किसान किसी अंबानी-अडानी को पंजाब में घुसने नहीं देंगे। कृषि कानून बिना किसानों को भरोसे में लिए बनाए गए और जल्दबाजी में थोपे जा रहे हैं।



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Indian farmers union leader Buta Singh said in the dharna on the fourth day - the farmers adopted the way of agrarian struggle from Corona to a big epidemic

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October 05, 2020 at 04:00AM

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