निगम और जेडीए (जालंधर डेवलपमेंट अथॉरिटी) दायरे में अवैध कॉलोनियों पर शुरू हुई पर्चे दर्ज करने की कार्रवाई के मामले में राहत की मांग को लेकर तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को फिर से पंजाब के समूह जिले के प्रॉपर्टी कारोबारियों की मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया और सुंदर शाम अरोड़ा के साथ मीटिंग हुई।
मीटिंग की अगुवाई कर रहे पंजाब कॉलोनाइजर एंड प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के प्रधान भूपिंदर सिंह भिंदा ने बताया कि उनकी मांगों पर फिलहाल सभी जिलों में पर्चे दर्ज करने की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही टकराव की स्थिति छोड़कर कॉलोनाइजरों ने पॉलिसी की शर्तों को आसान बनाने की मांग की है ताकि सरकार को रेवेन्यू मिल जाए और कॉलोनी रेगुलर कर कॉलोनाइजरों को राहत मिल जाए। भिंदा ने
बताया कि मंत्री से मांग रखी है कि 10 फीसदी फीस देकर आवेदन करने वाले 15 फीसदी और फीस जमा करा देंगे। लेकिन इस पर ब्याज की राशि माफ कर दिया जाए। साथ ही मांग रखी कि कोरोना के कारण प्रॉपर्टी कारोबार प्रभावित होने से बकाया राशि की एक साल में 4 किश्तों में वसूली की जाए। जिनके आवेदन रद्द हो गए हैं, उनसे दोबारा आवेदन कराएं जिसमें कागजी कार्रवाई आसान कर दी जाए।
भूपिंदर सिंह भिंदा ने बताया कि दोनों मंत्री ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रवैया दिखाते हुए ब्याज माफी की मांग पर चर्चा कर फैसला लेने का आश्वासन दिया है। मीटिंग में मौजूद निगम कमिश्नर और जेडीए के सीए करणेश शर्मा सहित समूह जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो पुरानी कॉलोनियों के बकाया फीस और उसे रेगुलर करने की प्रक्रिया आसान बनाने का काम शुरू करें।
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December 29, 2020 at 04:27AM
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