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Tuesday, December 29, 2020

सात सेंटरों पर होगी मॉक ड्रिल, हर सेंटर पर दो घंटे में 25 वर्करों को वैक्सीन लगाने का टारगेट

कोविड-19 की वैक्सीन के लिए ड्राई रन यानि मॉक ड्रिल का आज(मंगलवार) फाइनल दिन है। सेहत विभाग और जिला प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल के फाइनल दिन से पहले दो दिनों में कोल्ड चेन में डोज के मुताबिक वैक्सीन की उपलब्धता और दूसरे दिन(सोमवार) लाभार्थियों को एसएमएस भेजने, वैक्सीनेशन सेंटर में बैठने, वैक्सीनेशन, निगरानी में रखे जाने की पूरी तैयारी की।

सोमवार को दिन भर सिविल हॉस्पिटल के मदर चाइल्ड हॉस्पिटल के पहले फ्लोर पर सारी तैयारियां की जाती रही। सोमवार को सुबह पहले जहां एसडीएम ईस्ट बलजिंदर सिंह ढिल्लों ने जायजा लिया और जरुरी निर्देश दिए। उसके बाद शाम को 4 बजे डीसी वरिंदर शर्मा सेंटर में पहुंचे जहां उन्होंने सेंटर में लाभार्थियों(मॉक ड्रिल का हिस्सा) के सेंटर के अंदर आने, इंतजार करने, रजिस्ट्रेशन करवाने, वैक्सीनेशन करवाने और आब्जर्वेशन रूम में 30 मिनट के लिए डॉक्टर की निगरानी में रहने के बारे में जानकारी हासिल की। मंगलवार को सात सेंटरों सिविल हॉस्पिटल लुधियाना, डीएमसी हॉस्पिटल, सब डिविजनल हॉस्पिटल जगराओं,

खन्ना, रायकोट, सीएचसी माछीवाड़ा और पायल के धनोट गांव में मॉक ड्रील होगी। इस दौरान हर सेंटर पर कर दो घंटे में 25 वर्करों को वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल की जाएगी। डीएमसी हॉस्पिटल की कम्युनिटी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. अनुराग चौधरी ने बताया कि हॉस्पिटल में तैयारियां की गई हैं। मंगलवार को वर्कर्स के पहुंचने पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन औैर वैक्सीन की मॉक ड्रील की जाएगी। सब डिविजनल हॉस्पिटल जगराओं

के डॉ. प्रदीप महिंदरा ने बताया कि असल में वैक्सीन लगने के 24 घंटों बाद हॉस्पिटल का स्टाफ फोन कर लाभार्थी से जानेगा कि उन्हें बुखार या किसी अन्य तरह की समस्या तो नहीं हुई। हर चीज का रिकॉर्ड सेहत विभाग द्वारा तैयार किया जाएगा। जिसके बाद ये जानकारी डीसी के जरिए सरकार तक जाएगी।

स्टेप 1 : एंट्री पर जांचेंगे टेंपरेचर, उसके बाद सेंटर में भेजा जाएगा

मॉक ड्रील के लिए तैयार किए गए सेंटर में दैनिक भास्कर की टीम द्वारा दौरा किया। सेंटर में एंट्री पर ही टेंपरेचर जांचने व सेनेटाइजेशन के प्रबंध दिखे, अंदर जाने पर दाएं हाथ पर स्ट्रेचर, व्हील चेयर्स का प्रबंध और बाएं तरफ वेटिंग एरिया बना है। सेंटर में जगह-जगह साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। वेटिंग एरिया में जो भी वर्कर पहुंचेंगे उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठने के लिए प्रबंध हैं।

स्टेप 2: को-विन पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन की होगी जांच

रजिस्ट्रेशन रूम में एंट्री करने पर सामने ही कंप्यूटर ऑपरेटर बैठे थे जो अपने कंप्यूटर पर को-विन पोर्टल के जरिए लोगों की रजिस्ट्रेशन की जांच करेंगे। सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वैक्सीनेशन एरिया में वैक्सीन के कोल्ड बॉक्स, व्यक्ति के बैठने, वेक्सीनेटर के बैठने के पूरे प्रबंध हैं। इसी कमरे में एईएफआई(एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्युनाइजेशन) किट और यहीं पर बायोमेडिकल वेस्ट के सही ढंग से निस्तारण के लिए भी प्रबंध हैं।
स्टेप 3: निगरान के कमरे में एईएफआई किट का होगा प्रबंध

वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति को अॉब्जर्वेशन रूम में भेजा जाएगा। आधे घंटे के दौरान अगर किसी मरीज को किसी तरह की समस्या आती है तो उसके लिए एईएफआई(एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्युनाइजेशन) किट तैयार की गई है। साथ ही एईएफआई रजिस्टर भी लगाया गया है। साथ ही किसी मरीज को समस्या आने पर बेड भी लगाया गया है। यदि समस्या बढ़ेगी तो मरीज को एमरजेंसी में शिफ्ट करने के लिए स्ट्रेचर व व्हील चेयर भी रखे गए हैं।

805 सेंटरों पर 30 हजार की होगी वैक्सीनेशन : डीसी वरिंदर शर्मा के मुताबिक असल वैक्सीनेशन के प्रोसेस में जिले के 30 हजार हेल्थ केयर वर्कर्स को 14 दिनों में वैक्सीन लगेगी। इसके लिए जिले में 67 कोल्ड चेन पाॅइंट्स और 805 सर्विस सेंटर्स बनाए गए हैं। हर सेंटर में एक दिन में 100 वर्कर्स को वैक्सीन लगने का टार्गेट है। सिविल सर्जन डॉ.राजेश बग्गा ने बताया कि 2 घंटे में 25 लोगों को हमारे सेहत कर्मी वैक्सीन लगा देंगे। यानि 8 घंटे में हम 100 लोगों को वैक्सीन लगा देंगे। अभी ड्राई रन के लिए एक सेंटर में 25 ही हेल्थ केयर वर्कर्स रखे गए हैं। ताकि असल वैक्सीनेशन के समय एंट्री, रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन और अॉब्जर्वेशन के लिए कितना समय चाहिए इसके बारे में हम पूरा समझ लें। ​​​​​​​

एईएफआई किट में 12 चीजें रखीं: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक वैक्सीनेशन के समय किसी व्यक्ति को वैक्सीन सही नहीं लगती तो उस समय एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्युनाइजेशन (एईएफआई) किट में मौजूद दवाइयों या इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है। इस किट को हर वैक्सीनेशन सेंटर में रखा जाता है। ताकि किसी भी तरह की समस्या से निपटने की तैयारी रहे। इस किट में एड्रेनलाइन इंजेक्शन, ट्यूबरक्यूलिन या इंसूलिन सिरिंज, 24जी या 25जी इंच की नीडल, कॉटन स्वैब, हाइड्रोकोरटिसोन इंजेक्शन, रिंगर लेक्टेट, डेक्सटरोज 5 फीसदी, आईवी ड्रीप सैट, आईवी कैनुला, डिस्पोजेबल सिरींज, एडहेंसिव टेप, पल्स अॉक्सीमीटर शामिल हैं।​​​​​​​​​​​​​​



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Mock drill will be done at seven centers, target to vaccinate 25 workers in two hours at each center

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December 29, 2020 at 04:53AM

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