शनिवार देर शाम करीब 8 बजे 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी के बीच जिलेभर में बिजली के 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर, एक हजार खंभे और अनिगत पेड़ जमींदोज हो गए।
पेड़ों की चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं ट्रांसफार्मर-खंभों के गिरने से कई इलाकों और गांवों में 12 घंटे तक बिजली सप्लाई ठप रही।
यहीं नहीं पावरकॉम के कर्मचारी कई इलाकों में रविवार रात तक सप्लाई बहाल नहीं कर पाए थे। आंधी से पावरकॉम को लाखों का नुकसान हुआ है।
सबसे ज्यादा नुकसान तरनतारन और अमृतसर सबअर्बन सर्किल के ग्रामीण इलाकों में हुआ है। ग्रामीण इलाकों में आंधी ने खूब तबाही मचाई।
यहां कई पेड़ जड़ों से उखड़ गए, वहीं कई की टहनियां टूट कर बिजली के तारों पर गिर गई जिससे तार टूट गए और बिजली बंद हो गई।
बॉर्डर जोन के चीफ इंजीनियर प्रदीप कुमार सैनी ने बताया कि आंधी के बीच वेस्ट डिवीजन, सबअर्बन डिवीजन, जंडियाला, लोपोके, चोगावा, रईया, तरनतारन पट्टी और खेमकरण में ज्यादा नुकसान हुआ है।
खेतों में फसल होने के कारण रात को पावरकाम कर्मचारियों को बिजली बहाल करने में मुश्किल हुई। रविवार को भी कर्मचारियों सप्लाई चालू करने में जुटे रहे।
फताहपुर, कोट खालसा, रणजीत एवेन्यू और आसपास के लोग रहे बिना बिजली के
आंधी के बीच 220केवी सिविल लाइन बिजली घर के मेनगेट पर कोई चीज गिर गई। इससे 66केवी बिजलीघर रणजीत एवेन्यू, 66केवी कचहरी और 66केवी ग्वालमंडी बिजली घर बंद हो गए।
यहां से चलने वाले सभी आबादियों की बिजली देर रात को चालू हो पाई। मजीठा रोड पावर कॉलोनी से चलने वाले गोपाल नगर, खंडवाला से चलने वाले एस्मा, फताहपुर सेंट्रल जेल, सुल्तानविंड, कोट खालसा, फतेह सिंह कॉलोनी, जीटी रोड की बिजली देर रात चालू हो सकी।
रविवार को शहर कि कई आबादियों की बिजली बाद दोपहर चालू हो पाई। बॉर्डर जोन केचीफ प्रदीप सैनी के अनुसार सबसे पहले जिन इलाकों की बिजली बंद है, वहां सप्लाई चालू करने में कर्मचारी जुटे हुए हैं। आंधी से पावरकाॅम को कितना नुकसानहुआ है, इसका आकलन बाद में लगाया जाएगा।
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July 06, 2020 at 04:41AM
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