सरकार को अब अपनी ही सोशल वेलफेयर स्कीमों पर शक होने लगा है। जिसके बाद अब सरकार ने अपनी सोशल स्कीमों का ऑडिट करवाने का फैसला लिया है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन सोशल स्कीमों में कितने लोग स्कीमों का गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं। इन सोशल स्कीमों से जुड़े विभागों के पास लगातार ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि जो लोग इन स्कीमों के दायरे में भी नहीं आ रहे हैं इन स्कीमों का फायदा उठा रहे हैं।
एक तरीके से ऐसे लोग असली लाभ पात्रों का हक डकार रहे हैं। लेकिन अब सरकार ने ऐसे लोगों पर सख्ती करने का फैसला कर लिया है। इन सोशल स्कीमों के ऑडिट के बारे में सरकार ने समय सीमा भी तय कर दी है। जिसके बाद इन लोगों पर सरकार द्वारा कार्रवाई करने के साथ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।
हाल ही में सामने आया था कि बुढ़ापा पेंशन स्कीम के तहत ऐसे लोग भी पेंशन ले रहे थे जो कि बुढ़ापा पेंशन लेने के दायरे में भी नहीं आ रहे है। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर सरकार ने 900 से अधिक कॉलेजों का ऑडिट कराया और 250 कॉलेजों द्वारा हेरा-फेरी करने का मामला सामने आए थे। इस योजना के तहत सरकार ने 500 करोड़ रुपए की हेरा-फेरी होने की आशंका जताई थी।
घर-घर जाकर अधिकारी करेंगे जांच
सरकार ने चल रही सभी सोशल स्कीमों के तहत फायदा लेने वाले लाभपात्रियों की जांच करवाने के लिए 2 महीने की समय सीमा तय की है। दो महीने में अधिकारी ग्राउंड लेवल पर जाकर चेक करेंगे कि जो लोग इन स्कीमों का फायदा उठा रहे हैं वह सच में इन स्कीमों का फायदा लेने के हकदार हैं भी या नहीं। सरकार गरीब लोगों तक इन स्कीमें का फायदा देना चाहती है लेकिन कुछ लोगों की मिलीभगत से यह फायदा उन लोगों तक नहीं पहुंच पाता है। इसके लिए 5 साल का आडिट होगा जिसमें विभाग के कर्मचारी एक-एक लाभपात्र की जांच करेंगे।
गैर लाभपात्र से वसूली जाएगी पूरी रकम जबसे सरकारी योजना का उठा रहा होगा लाभ
सरकार ने फैसला लिया है कि आडिट के दौरान जो लोग गलत तरीके से स्कीमों का फायदा लेते पाए गए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ इन लोगों का नाम लाभपात्रियों की लिस्ट में शामिल करने वाले अधिकारी या कर्मचारी पर भी एफआईआर दर्ज कराने के साथ विभागीय कार्रवाई होगी। इसके अलावा जब से लाभपात्र बन फायदा उठा रहा है तब से अब तक बनती राशि भी वसूली जाएगी।
ये चल रहीं सूबे में मुख्य सोशल स्कीमें
1. आटा दाल स्कीम
2. चाय पत्ती चीनी स्कीम
3. शगुन स्कीम
4. बुढ़ापा,विधवा पेंशन
5. एसिड अटैक पीडित पेंशन
6. पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप
70 हजार लोग अवैध तरीके से ले रहे थे पेंशन, ये सब अकालियों की देन
‘कैप्टन को पूछो’ फेसबुक लाइव ऑडीशन के दौरान होशियारपुर के युवक ने 162.35 करोड़ के पेंशन घोटाले पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल पूछा। इस पर सीएम ने कहा कि लगभग 70,000 लोग धोखाधड़ी से पेंशन ले रहे थे। ऐसे नकली लाभपात्रियों से वसूले जाने वाले 162.35 करोड़ रुपए से असली लाभपात्रों की सहायता की जाएगी।
सरकार बनने के बाद सामाजिक सुरक्षा लाभों की सूची में 6 लाख योग्य लाभपात्रियों को शामिल किया है और उन अयोग्य लाभपात्रियों को बाहर किया है, जो कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार की छत्र-छाया के नीचे धोखाधड़ी से सामाजिक सुरक्षा का लाभ ले रहे थे। ज्यादातर नकली, फर्जी लाभपात्री बादल परिवार के हलकों से संबंधित हैं।
इन्होंने 2017 की असेंबली मतदान से पहले वोटरों को फर्जी तौर पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन व वित्तीय सहायता की रिश्वत दी, परंतु यह अलग बात है कि यह ओछे ढंग से मतदान में अकालियों के किसी काम न आए और उनका सफाया हो गया। सबसे अधिक संगरूर में 12 हजार से अधिक अयोग्य लाभपात्री मिले हैंं।
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July 26, 2020 at 04:54AM
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