काेराेना संक्रमण के कारण बिजली उपभाेक्ताओं की सुविधा के लिए स्थापित की गई 90 के करीब बिल सेवक मशीनें पावरकाॅम ने 31 जुलाई से बंद करने का फैसला किया है। यानी अब लाेगाें काे कैश काउंटर पर ही बिल का भुगतान करने के लिए लंबी लाइन में घंटाें खड़े रहना पड़ेगा। शहर में बिल सेवक मशीनें अलग-अलग इलाकों में खोली गईं थी।
इसमें बिजली बिल जमा करवाने वाले उपभोक्ता सुबह 8 से रात 8 बजे तक अपना बिल जमा करवा लेते थे। कोरोनावायरस के चलते बिल सेवक मशीनों से लोग बिल कम भर रहे थे। इसको देखते हुए पावरकाॅम ने बिल सेवक मशीनों को बंद करने का फैसला किया है।
अब ऑनलाइन भुगतान को दिया जा रहा बढ़ावा
अब लाेगाें काे भुगतान के ऑनलाइन तरीकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन बिल सेवक मशीनों के बंद होते ही कैश काउंटरों में बिजली के बिल जमा करवाने वालाें की भीड़ बढ़ सकती है। इन मशीनों के बंद होते ही इनमें काम करने वाले युवक बेकार हो जाएंगे। बिल सेवक मशीन में काम करने वाले युवकों को बिना छुट्टी के 24 घंटे काम करना होता है।
वहीं, इनको महीने में 2500 बिलों के जमा करने का टारगेट मिलता है। लेकिन ज्यादातर मशीनों में लोग बिल जमा करवाने नहीं आ रहे थे। जिस कारण कई बिल सेवक मशीन वाले अपना टारगेट पूरा नहीं कर पाए। जिसके कारण यह बिल सेवक मशीन पावरकाॅम द्वारा बंद करवा दी है।
पूरे प्रदेश में लगी हैं 90 बिल सेवक मशीनें
पंजाब में लगभग 90 के करीब सेवक बिल भुगतान मशीन हैं। इन मशीनों पर लगने वाला खर्च लगभग 30000 प्रति माह है। यदि लेनदेन की संख्या 3000 प्रति मशीन से अधिक है तो प्रति बिल लगभग 10 रुपए है। लेकिन औसत प्रति माह लगभग 300-400 बिल आ रहे थे। घाटे का साैदा साबित हाे रही इन मशीनाें काे 31 जुलाई से बंद करने का फैसला लिया है। 2015 में प्राइवेट कंपनी के साथ करार करके अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, बटाला, पठानकाेट, जालंधर शहर में मशीनें लगी थीं।
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July 26, 2020 at 05:05AM
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