गुरु नानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) में हुए कथित पीपीई किट खरीद घोटाले की जांच केंद्र सरकार के दखल और कैप्टन सरकार को पत्र लिखे जाने के बाद शुरू तो हो गई लेकिन सभी बुलाए गए विभागीय मुखियों और डॉक्टरों के बयान कलमबंद नहीं हो सके।
फिलहाल जो रह गए हैं उन्होंने एक दिन का वक्त मांगा है और उनको दस्तावेज समेत बयान दर्ज करवाने के लिए बुधवार को बुलाया गया है।
पुडा की मुख्य प्रशासक डॉ. पल्लवी चौधरी आधारित जांच में डॉ. पल्लवी ने पीपीई किट खरीद के सभी पहलुओं पर जांच के लिए गुरुनानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमन शर्मा, मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. शिवचरण, एनॉटामी विभाग के प्रोफेसर डॉ. जगदेव सिंह कुलार, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नरिंदर सिंह, सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्विनी कुमार, एनेस्थीसिया विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरजीत सिंह, पैथोलॉजी विभाग के डॉ. जसप्रीत सिंह, सहायक कंट्रोलर लेखा व वित्त डॉ. जतिंदर शर्मा, चीफ फॉर्मेसी आफिसर चरणजीत सिंह व सुपरिंटेंडेंट रणधीर सिंह को बुलाया था।
इसमें से कुछ लोग नहीं आ सके, जबकि कुछे दस्तावेज नहीं लाए। उनको बुधवार को पूरी तैयारी के साथ बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया गया है।
बताते चलें कि डॉक्टरों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए 41 लाख 43 हजार रुपए की पीपीई किटें मंगवाई गई थीं। मगर इनकी क्वालिटी घटिया होने का मामला गर्माया तो डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया था।
जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कह सकती : पल्लवी चौधरी
मुख्य जांच अधिकारी डॉ. पल्लवी चौधरी ने जांच पूरी होने तक इस विषय में कुछ भी कहने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वहजांच रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजेंगी।
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July 01, 2020 at 04:42AM
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