कोरोना का असर अब रेलवे की तत्काल सर्विस पर भी होने लगा है। महामारी के दौर में रेलवे ने टिकट रिजर्वेशन करवाने के लिए प्रोसेस को लंबा किया।
रिजर्वेशन विंडो पर यात्री तत्काल रिजर्वेशन टिकट करवाने जाता है तो उसे मुश्किल से टिकट मिल पाता है। गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने कोरोनाकाल में ट्रेनें शुरू करने के दौरान कई तरह की हिदायतें जारी कीं।
रेलवे अब स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, जिसमें रिजर्वेशन टिकट ही मिलता है। बिना यात्री ट्रेन में सफर नहीं कर सकता। वर्तमान में रिजर्वेशन के दौरान यात्री को जहां मोबाइल नंबर देना पड़ता है, वहीं जहां जाना है, वहां का पता भी लिखवाना पड़ता है।
जब तक रेलवे इस प्रोसेस में कुछ बदलाव नहीं करता है, तब तक यात्रियों को इस मुश्किल का सामना करना ही पड़ेगा।
कई-कई घंटे तक तत्काल टिकट का इंतजार करते हैं यात्री
कोरोना वायरस की महामारी के चलते हाल ही में रेलवे ने ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। ऐसे में 30 जून को ही तत्काल की सर्विस भी शुरू की गई है।
ऐसे में अगर यात्रियों को नॉर्मल रिजर्वेशन नहीं मिल पाता है तो वह तत्काल टिकट पर ही निर्भर रह जाते है। ऐसे में उन्हें कई-कई घंटे पहले ही आकर यहां खड़े होना पड़ रहा है।
कुछ यात्री तो एक दिन पहले रात को ही रेलवे स्टेशन की रिजर्वेशन विंडो पर आकर खड़े हो जाते है, ऐसे में जब सिर्फ एकाध यात्री की ही बारी आ पाती है।
एजेंट ऑनलाइन करवा लेते हैं, जिस कारण समय जल्दी खत्म होता है:
ऑनलाइन टिकट रिजर्वेशन पर एजेंटों की भी नजर रहती है। इसलिए वह अपने कारिंदों को भी तत्काल के समय ऑनलाइन रिजर्वेशन के लिए बैठा देते है।
ऐसे में कुछ मिनट ही तत्काल के लिए रहता है तो वह ही तत्काल टिकट करवा लेते है। यहीं कारण है कि रिजर्वेशन विंडो पर आने वाले लोगों को सिर्फ एकाध टिकट ही तत्काल में मिल पाती है।
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July 06, 2020 at 04:55AM
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