राज्य में कोविड-19 के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार कोरोनावायरस के हालातों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने अब तक कोविड देखभाल और राज्य में दूसरे प्रदेशों के श्रमिकों पर 300 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जालंधर में कोविड के सबसे अधिक मामले आए हैं, इसके लिए जिला प्रशासन को बेडों की व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
सीनियर आईएएस अफसर सुमित जारंगल और तनु कश्यप को कोविड के मामलों की रोजाना निगरानी करने के लिए स्टेट नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। इससे समय पर अपेक्षित मेडिकल बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाया जा सके। यह बातें राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल से संबंधित बुनियादी ढांचे और प्रबंधों का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव विनी महाजन ने कहीं। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए जालंधर, लुधियाना और पटियाला के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 6,190 बेड पहले ही उपलब्ध हैं।
कोविड के बढ़ रहे मामलों से निपटने के लिए राज्य के अस्पतालों में बिस्तरों, वेंटिलेटरों की अपेक्षित सामर्थ्य के अलावा पीपीई किटों, मास्क और टेस्टिंग किटों का प्रबंध है। कहीं पर भी लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से सही तरह मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने की सख्ती से पालना करने की अपील की।
43 वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था
जालंधर में कोविड के सबसे अधिक केस सामने आए हैं, प्रशासन ने लेवल-2 के मरीजों के लिए 615 बेडों और लेवल-3 के मरीजों के इलाज के लिए 85 बेडों का प्रबंध किया है और इसके साथ ही मरीजों के लिए अस्पतालों में 43 वेंटिलेटरों का प्रबंध किया गया है। हेल्थ सुविधाओं में लेवल-2 के मरीजों के लिए 402 बेडों का प्रबंध किया गया है, जिनमें से सिविल अस्पताल में 312 बेड और सीएचसी में 90 बेड रखे गए हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल में लेवल-3 के लिए 28 बेड और 10 वेंटिलेटरों के साथ-साथ पाइप्ड ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा को यकीनी बनाया गया है।
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July 26, 2020 at 04:24AM
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