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Sunday, July 26, 2020

अकाली-भाजपा कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों पर कैप्टन सरकार सख्त, 100 करोड़ की कृषि योजनाओं की जांच विजिलेंस को सौंपने की तैयारी

पंजाब सरकार ने अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों के लिए पेश करीब 100 करोड़ रुपए की कृषि योजनाओं का किसानों को भरपूर लाभ नहीं मिलने संबंधी सीएम कार्यालय के पास पहुंच रही शिकायतों के आधार पर जांच विजिलेंस ब्यूरों को सौंपने की तैयारी कर ली है। सीएम ऑफिस से मिली जानकारी के मुताबिक फैसले पर शनिवार को मुहर लगनी थी लेकिन अब सरकार सोमवार को इस पर फैसला ले सकती है।

विजिलेंस यह जांच करेगी कि सभी स्कीमों के लाभपात्रों और अफसरों से भी रिकाॅर्ड की जांच की जाएगी कि किन स्कीमों का लाभ किस क्षेत्र में कब और कितना दिया गया। अगर कोई अफसर चाहे रिटायर हो गया है, उसकी गड़बड़ी में भूमिका पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

जांच के लिए विजिलेंस समेत विभाग के विभिन्न अधिकारियों के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई जाएगी। विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सीएम ऑफिस ने करीब 2 हफ्ते समय सीमा तय की है। यह भी पता लगाया जाएगा कि कितने पैसे केंद्र से आए व किसानों को कितने बांटे गए।

पीएयू की कारगुजारी भी विजिलेंस के राडार पर

पंजाब में कृषि से जुड़ी योजनाएं पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा भी कुछ संचालित की जाती हैं। वहां संबंधित कृषि अधिकारी उन योजनाओं पर काम करते हैं और फिर राज्य के किसानों को आवंटित करते हैं। इसमें बीज तैयार करना, किसानों की फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए काम करना आदि विभिन्न स्कीमों पर काम किया जाता है। इसके लिए केंद्र द्वारा फंड मुहैया कराया जाता है। इसके चलते यूनिवर्सिटी व कृषि अधिकारी विजिलेंस ब्यूरो के राडार पर आ सकते हैं।

कृषि विभाग और यूनिवर्सिटी के 8 अफसरों पर होगी कार्रवाई
पिछले दिनों बीज घोटाले की चाहे अभी तक जांच चल रही है, लेकिन विजिलेंस ब्यूरो की पांचवीं जांच रिपोर्ट में करीब पीएयू व कृषि विभाग के 8 अधिकारी शक के दायरे में आ गए हैं। इनसे विजिलेंस पूछताछ करेगी और रिकॉर्ड की पड़ताल करेगी।

कौन-कौन सी स्कीम केंद्र की ओर से प्रायोजित है

  • सिंचाई योजनाएं, ताकि हर किसान के खेत को पानी मिल सके, इसके लिए केंद्र फंड मुहैया कराता है।
  • फसलों के लिए बीजों पर सब्सिडी दी जाती है, ताकि किसानों की लागत कम हो सके।
  • कृषि में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरणों के लिए ऋण मिलता है, जिसमें केंद्र फंड देता है।
  • कृषि में इस्तेमाल होने वाली खाद/यूरिया मुफ्त दी जाती है।
  • फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पेस्टीसाइड्स के लिए भी सब्सिडी दी जाती है।
  • कोल्ड स्टोर, वेयर हाउस आदि बनाए जाते हैं ताकि किसानों की फसले सुरक्षित रह सकें।
  • किसानों को डेयरी विकास के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
  • किसानों को मस्त्य पालन के लिए भी ऋण दिया जाता है ताकि वे यह कार्य कर अपनी आय बढ़ा सकें।

-इन योजनाओं के लिए केंद्र द्वारा फंड मुहैया कराया जाता है, जिसका लाभ पिछली अकाली भाजपा सरकार में किसानों तक नहीं पहुंचा है।



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Captain Sarkar strict on disturbances during Akali-BJP tenure, preparations to hand over investigation of 100 crore agricultural schemes to Vigilance

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July 26, 2020 at 04:32AM

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