पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के फॉरेस्ट्री और नेचुरल रिसॉर्स विभाग के हेड डॉ. संजीव चौहान को फखरुद्दीन अली अहमद अवॉर्ड 2019 से नवाजा गया है। आईसीएआर (इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च) द्वारा ट्राइबल खेती सिस्टम को मजबूत करने के लिए किए गए काम के चलते उन्हें ये अवॉर्ड दिया गया। डॉ. चौहान ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर वैज्ञानिक तकनीकों को सुधारने, सामाजिक तरीके से उन्हें अपनाने को प्रेरित करने के लिए काम किया।
डॉ. संजीव चौहान द्वारा लद्दाख जैसे बेहद ठंडे और कम ऑक्सीजन वाले इलाके की खेती की समस्याओं को समझ कर न सिर्फ वहां पर प्लानिंग से काम करने का प्रयास करवाया। बल्कि, वहां के युवाओं को भी वहां की पारंपरिक खेती से हट कर खेती से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया और सफलता भी मिली। उनके इन्हीं योगदानों को देखते हुए आईसीएआर द्वारा उन्हें ये अवॉर्ड दिया गया।
सर्दियों में 6 महीने के दौरान बंद रहती हैं सड़कें
डॉ. संजीव चौहान ने बताया कि लद्दाख में काफी ठंड और बर्फबारी होने से सर्दियों में 6 महीने सड़कें बंद रहती हैं। ऐसे में उस दौरा न वहां पर अच्छी क्वालिटी के बीज और जानवरों के लिए चारे की भी बहुत समस्या हो जाती थी। सर्दियों में सब्जियों, अनाज और चारे की समस्या का भी सामना करना होता है। लेकिन, इन फसलों के लिए भी उन्हें अच्छी क्वालिटी के बीज नहीं मिल पाते। इसे ही देखते हुए हमने 5 बेहद पिछड़े हुए इलाकों की पहचान कर वहां पर विभिन्न तरह की टेक्नोलॉजी पहुंचाई।
इन इलाकों में फसलों को होने वाले नुकसान के बारे में पता कर सेनिटेशन और कैमिकल इत्यादि के बारे में बताया। सड़कें बंद होने से पहले नवंबर में ही अगली बिजाई के लिए अच्छे बीजों को मंगवाया गया। हाथों से चल सकने वाले छोटे खेती के उपकरण तैयार किए गए इसमें काजी कस्सी, व्हील हो, फीड ब्लॉक मशीन इत्यादि शामिल रहे। छोटे पोर्टेबल सोलर ड्रायर विकसित करने के अलावा किसानों को उनके इस्तेमाल से भी परिचित करवाया गया। सुरक्षित बिजाई के लिए पॉलिथीन शीट्स का इस्तेमाल करना सिखाया गया।
युवाओं को खेती से जोड़ने को पोल्ट्री, मशरूम की खेती से कराया अवगत
डॉ. चौहान ने बताया कि वहां के युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा किसान मेलों का आयोजन किया गया। इसके अलावा पोल्ट्री फार्मिंग और मशरूम की खेती से अवगत करवाया गया। चारे की फसल के लिए बिना कांटों वाले रोबिनिया फसल को लाया गया।
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July 27, 2020 at 04:57AM
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