सरकार के ‘मिशन फतेह’ की सफलता के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मोबाइल टेस्टिंग वैन संदिग्ध मजीरों के कोरोना सैंपल लेने के लिए घर-घर जा रही है। डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने कहा कि सेहत टीम रोज 50 से 150 सैंपल लेकर जांच कर रही है। कुछ लोग सैंपल देने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन लोगों के सहयाेग से कोरोना की चेन टूटेगी।
उन्होंने कहा कि सर्दी या फीवर की शिकायत पर खुद आगे आकर टेस्ट कराएं। सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह ने कहा कि मंगलवार को कोट खालसा में वैन पहुंची थी और कुछ लोगों के सैंपल लिए हैं। लोगों का परीक्षण फ्री कराया जा रहा है। यदि लोग सेहत टीम का सहयोग करेंगे तो महामारी पर काबू पाया जा सकता है।
जनाब कुर्सी देखकर नहीं आता कोरोना सेहत विभाग की ही सैपलिंग में भेदभाव
कोरोना कोई भेद नहीं करता और इस बात को सब जानते हैं। मगर जिस सेहत विभाग पर इसको रोकथाम करने का जिम्मा है, उसे लगता है कि यह कुर्सी के हिसाब से फैलता है। इसका ताजा उदाहरण सिविल सर्जन अॉफिस में सैंपलिंग में स्पष्ट हुआ। जिला परिवार भलाई अफसर एवं इंडियन मेडिकल एसो. के पूर्व प्रधान डॉ. रबिंदर सिंह सेठी ऐसी कोताही के चलते मंगलवार को पॉजीटिव आ गए थे। चूंकि पब्लिक डीलिंग का काम होने पर रोज उनसे विभागीय से लेकर बाहर तक दर्जनों लोग मिलते हैं। डॉ. सेठी के पॉजीटिव आने से विभाग के हाथ-पांव फूले गए और उसने आनन-फानन में बुधवार को निचले दर्जे के दर्जन भर कर्मियों की सैंपलिंग करवाई।
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July 23, 2020 at 04:52AM
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