अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और सीटू के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को बीडीपीओ कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता स्थानीय टी-प्वाइंट पर एकत्र हुए और यहां से बीडीपीओ कार्यालय तक मार्च किया। पंजाब किसान सभा के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह ढेर, सचिव महिंदर सिंह संगतपुर, सीटू नेता राकेश बाली और गुरमीत सिंह डोड ने कहा कि लॉकडाउन की आड़ में केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा जन विरोधी फैसले लिए जा रहा हैं। इन सरकारों ने देश विरोधी, मजदूर विरोधी और किसान विरोधी नीतियां बनाई हैं।
इसके खिलाफ संघर्ष को तेज करने के लिए 9 अगस्त को जिला केंद्रों पर कार्रवाई की जाएगी। वक्ताओं ने मांग की कि लॉकडाउन के दौरान सभी श्रमिकों को पूरी मजदूरी का भुगतान किया जाए, आयकर के दायरे से बाहर के सभी लोगों को 7500 रुपए प्रति माह, प्रति व्यक्ति 10 किलोग्राम खाद्यान्न, श्रमिकों को 200 दिन का काम दिया जाना चाहिए, मगनरेगा श्रमिकों को 600 रुपए प्रति दिन का भुगतान, श्रमिकों का न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाना चाहिए, कोरोना का नि: शुल्क परीक्षण और फ्रंट लाइन पर लड़ने वाले प्रत्येक श्रमिक की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और 50 लाख रुपए का बीमा, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन को निरस्त करना, बिजली बिल 2020 को वापस लेना, किसान विरोधी अध्यादेशों को निरस्त करना, एक बाजार एक देश का निर्णय उलटा होना चाहिए, न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने अौर बाजार बंद न किए जाएं।
इस मौके स्थानीय बीडीपीओ चंद सिंह को भी ग्राम दड़ोली में पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे के बारे में अवगत कराया गया और विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। यहां हरजप सिंह वाडियाल, चरण सिंह अटवाल, जसवीर सिंह मजारा, प्रेम सिंह चक्क होलागढ़, महिंदर सिंह दरोली, चन्नण सिंह, बालम सिंह, कुलविंदर सिंह खंगल, राजिंदर सिंह डोड, सोहन लाल, चन्नण कुमार, महिंदर सिंह, तिलक राज आदि उपस्थित थे।
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July 24, 2020 at 04:45AM
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