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Thursday, July 23, 2020

दो दिन हुई बारिश ने पिछले साल का रिकाॅर्ड तोड़ा, वाटर री-चार्जिंग न होने से बारिश का पानी धरती की बजाय जा रहा है सीवरेज में

दो दिन से जारी बूंदाबांदी के चलते जुलाई का सूखा दूर हो गया है। पिछले साल जुलाई में 9 दिन बारिश आने के बाद कुल 91 मिलीमीटर बारिश हुई थी। जबकि पिछले दो दिन में गिरे 40 एएम पानी के चलते कुल 7 बार की बारिश में इस साल 92.0 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
खास बात यह है कि 25 और 26 जुलाई को बूंदाबांदी के चलते से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिस तरह से मानसून एक्टिव है, उस लिहाज से ये महीना 100 मिलीमीटर का आंकड़ा क्रास कर कर जाएगा। आखिरी बार 2010 में इतनी बारिश जुलाई में हुई थी। अब 23-24 जुलाई को मौसम ड्राई रहेगा। बादल छाए रहेंगे। उधर, एक बड़ी गलती यह है कि बारिश के पानी को संभालने का यत्न नहीं हो रहा। वाटर री-चार्जिंग न होने से सारा पानी धरती की बजाय सीवरेज में जा रहा है।
3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

  • वीरवार बादल छाए रहेंगे, हवाएं चलेंगी, गर्मी से राहत मिलेगी।
  • शुक्रवार बादलों के साथ-साथ महीन बूंदाबांदी हो सकती है।
  • शनिवार दिन में एक या दो बार बूंदाबांदी होने की संभावना है।

एक्सपर्ट व्यू : इसी महीने 100 एमएम का आंकड़ा होगा पार

पिछले साल जुलाई में शहर में 13 तारीख को 17 एमएम, 14 को 26 एमएम और 16 को 21 एमएम बारिश हुई। इस साल जुलाई में 20 दिन में से केवल 6 दिन बारिश के रहे। इनमें 11 को जालंधर सिटी में 39 एमएम, 12 को 25 एमएम और 20 को 22 एमएम बारिश हुई है। जिला स्तर पर पिछले साल की औसतन बारिश का अांकड़ा क्रास कर गया है लेकिन जालंधर सिटी में पिछले साल 108.5 एमएम बारिश हुई थी, जबकि इस साल 101.0 मिलीमीटर पानी बरसा है।

दो साल में नकोदर में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले साल नकोदर में 130 एमएम, इस साल 133 एमएम बारिश हो चुकी है। जालंधर में बारिश होती है तो 3 जगह जालंधर सिटी, नकोदर और फिल्लौर में रिकाॅर्ड किया जाता है। फिल्लौर में पिछले साल 34 एमएम बारिश हुई थी और इस बार 42.1 एमएम बारिश हो चुकी है।

वाटर रिचार्ज योजना में देरी से नुकसान...इस साल बरसात अच्छी हो रही है। मगर बारिश का पानी सीवर लाइन में जा रहा है। सरकारी इमारतों में वाटर री चार्जिंग योजना में देरी हो गई। मॉनसून से पहले कम पूरा नहीं हो सका।

एक्सपर्ट व्यू
चंडीगढ़ मौसम केंद्र के डायरेक्टर डाॅ. सुरिंदर पाल ने कहा कि जालंधर रीजन सबसे अच्छी बरसात वाले एरिया में शामिल है। 8 दिन का बरसात का समय मायने रखता है। औसतन बारिश का आंकड़ा ज्यादा रहेगा।



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Two days of rain broke the record of last year, due to lack of water re-charging, the rain water is going into the sewerage instead of the earth.

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July 23, 2020 at 05:10AM

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