लोगों की शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए बनाए गए सीएम पोर्टल पर अवैध माइनिंग संबंधी मिल रही शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार ने अवैध माइनिंग को रोकने के ठोस कदम उठाने के साथ ही चार विभागों के कर्मचारी व अधिकारियों के कामकाज की जांच करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें 4 विभाग शक के दायर में आरहे हैं, जिनमें माइिनंग, फॉरेस्ट, इंडस्ट्री और इरीगेशन शामिल हैं। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने अवैध माइनिंग की आरही शिकायतों की जांच विजिलेंस ब्यूरो से करवाना लगभग तय माना जा रहा है।
विजिलेंस इन विभागों के उन कर्मचारी व अधिकारियों के काम पर लगातार नजर रखेगी, जो जिनकी ड्यूटी अवैध माइनिंग रोकने के लिए लगी हुई है, लेकिन फिर भी उनके संबंधित क्षेत्रों से आए दिन शिकायतें मिल रही हैं। दरअसल, अवैध माइनिंग की शिकायतें तो मिल ही रही हैं साथ ही विपक्षी पार्टियों के नेता भी सरकार को माइनिंग माफियाओं से साठ-गांठ का आरोप लगाकर हमला बोलते रहते हैं। इसलिए सीएम खुद आगे बढ़कर इसे रोकने के कदम उठा रहे हैं।
तय सीमा से अधिक क्षेत्र में हो रही माइनिंग
सरकार को ऐसी भी शिकायतों मिल रही हैं कि जिन ठेकेदारों को माइनिंग के लिए साइट्स अलॉट की गई है, वे अपनी निश्चित सीमा से बाहर माइनिंग कर रहे हैं। इसमें ठेकेदार को अगर एक एकड़ माइनिंग के लिए साइट अलॉट की गई है तो उसने आसपास के क्षेत्र को स्वयं की कवर करते हुए इसे चार एकड़ तक बढ़ाते हुए अवैध माइनिंग शुरू कर दी हैं, जबकि साइट्स के हिसाब से गलत है।
इसलिए बहुत बार अधिकारी कर्मचारी भी इस ओर ठोस ढंग से ध्यान नहीं दे रहे हैं और उनका अवैध माइनिंग का गोरखधंधा खूब पनप रहा है। इन सब बातों की भी विजिलेंस जांच करेगी कि आखिर संबंधित कर्मचारी अधिकारी ऐसे लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।
चारों विभागों के कर्मियों के काम पर नजर रख रही सरकार
विजिलेंस सभी संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के कामकाज पर नजर रखेगी, इनमें रेंज अफसर, फॉरेस्ट अफसर, तहसीलदार, माइनिंग अफसर व कर्मचारी आदि सभी की भूमिका की जांच की जाएगी कि आखिर इन्होंने अवैध माइनिंग रोकने को लेकर क्या क्या जरूरी कदम उठाए और अगर उठाए तो अवैध माइनिंग की शिकायत कैसे आ रही है। संबंधित कर्मचारी अधिकारी अवैध माइनिंग आखिर क्यों नहीं रोक पा रहे हैं। हालांकि अभी विजिलेंस को जिम्मेदारी सौंपी नहीं गई है लेकिन माना जा रहा है कि अंदर खाते उसे ये जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
विपक्ष का आरोप- सरकार की नाक तले हो रही अवैध माइनिंग
इधर, विपक्ष का आरोप है कि सरकार के नाक तले अवैध माइनिंग को अंजाम दिया रहा है। जिन लोगों को माइनिंग साइट्स के लिए ठेका दिया गया है, उनकी कर्मचारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत हैं, इसलिए प्रदेश में अवैध माइनिंग लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारी मिले हुए हैं। सरकार को इसके लिए ठोस ढंग से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अवैध माइनिंग रुक सके। इसी लिए जो पैसे राज्य सरकार के राजस्व में जाना चाहिए, वे कांग्रेसी नेताओंकी जेब में जा रहे हैं। कांग्रेसी मालामाल हो रहे हैं और सरकार फंड न होने का रोना रोती रहती है।
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July 06, 2020 at 04:50AM
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