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Friday, September 25, 2020

मेडिकल स्टोर खुलेंगे, इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं मिलेंगी, बाजार बंद रखने का आह्वान, कृषि विधेयक के विरोध में किसान और राजनीतिक संगठन सड़क पर

केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए कृषि विधेयकों के विरोध में वीरवार को फगवाड़ा में किसानों, आढ़तियों और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। किसानों और आढ़तियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। किसान जत्थेबंदियों ने शुक्रवार को पंजाब बंद को सफल बनाने के लिए सभी से आह्वान किया। बंद के दौरान शुक्रवार को मेडिकल स्टोर और अस्पताल खुले रहेंगे जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जनरल स्टोर की दुकानें बंद रहेंगी। सिर्फ एंबुलेंस को आने-जाने की छूट रहेगी। जिले में धारा 144 लागू रहेगी
दूसरी तरफ, वीरवार को आढ़ती एसोसिएशन और किसानों ने होशियारपुर रोड पर दाना मंडी में प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया। उन्होंने कृषि विधेयक रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन में मार्केट कमेटी के चेयरमैन नरेश भारद्वाज ने कहा कि यह कृषि विधेयक न सिर्फ किसानों बल्कि आढ़तियों, मजदूरों, चावल मिलरों के साथ हर व्यवसाय को प्रभावित करेगा।

पंजाब के लोग इस कानून से छुटकारा पाने के लिए बड़े पैमाने पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों से पता चलता है कि सरकार कृषि को कमजोर करके शासन करना चाहती है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इस लड़ाई को सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। भारद्वाज ने कहा कि हमें एकजुट होकर लड़ना होगा।

किसान जत्थेबंदियों के पंजाब बंद को कामयाब करने के लिए शुक्रवार को फगवाड़ा के बाजार बंद रखकर साथ देने की अपील की गई। वही, दुकानदारों ने भी इस बंद में सहयोग देने का वादा किया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान जत्थेबंदियों के फैसले के मुताबिक 25 सितंबर को पूरे पंजाब में बाजार, आवाजाही मुकम्मल बंद रखी जाएगी। दुकानों पर जाकर दुकानदारों से भी अपील की गई कि वे बंद में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं या किसी की मजबूरी होगी सिर्फ उसी को जाने दिया जाएगा और बाकी सड़कें जाम कर मुकम्मल बंद रखेंगे।

आप ने मानव श्रृंखला बना कृषि विधेयक का किया विरोध

विधानसभा हलका फगवाड़ा से आम आदमी पार्टी केे सीनियर नेता संतोष कुमार गोगी के नेतृत्व में रेस्ट हाउस चौक के सामने जीटी रोड पर मानव श्रृंखला बनाकर कृषि विधेयक का विरोध किया गया। संतोष कुमार गोगी और अन्य वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों, आढ़तियों और मंडी मजदूरों को भूखा मारने वाला कानून बनाया है, जिसका पार्टी विरोध करती है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मंडियों को खत्म करके किसानों को निजी कंपनियों का बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। किसानों की फसल का मूल्य प्राइवेट कंपनियां तय करेंगी और एमएसपी की गारंटी नहीं होगी। दूसरा विधेयक जमाखोरी को प्रोत्साहित करने वाला है।

इससे अनाज और सब्जियों की कालाबाजारी होगी। संतोष कुमार गोगी ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की मौत के वारंट पर बादल परिवार के भी हस्ताक्षर हैं मगर जब गांवों में अकालियों का बहिष्कार होने लगा तो हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया। आप नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इन काले कानूनों के लिए केंद्र का समर्थन किया था जबकि पहली बैठक में ही विरोध करना चाहिए था।

आप नेताओं ने एलान किया कि जब तक किसान विरोधी कानूनों को वापस नहीं लिया जाता किसानों को साथ लेकर संघर्ष जारी रखा जायेगा। प्रदर्शन में एडवोकेट कश्मीर सिंह मल्ली, रिटा. प्रिंसिपल हरमेश पाठक, निर्मल सिंह, ललित, शीतल सिंह पलाही, डाॅ. जतिंदर परहार, डाॅ. जेएस विर्क, हरपाल सिंह, विक्की सिंह, एडवोकेट रोहित शर्मा, नरेश शर्मा, जसवीर कोका, जसविंदर सिंह, विनोद भास्कर, सुनील कुमार, गुरप्रीत सिंह, सुनीता, प्रिया संतोष, रिंपी, मुल्कराज, रवि खाटी, गुरदीप सिंह, लेखराज, साहिल और विशाल आदि शामिल थे।



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Medical stores will open, emergency medical services will be available, call for closure of markets, farmers and political organizations in protest against the Agriculture Bill

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September 25, 2020 at 04:00AM

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