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Wednesday, July 8, 2020

38 माह से बिन वेतन पढ़ा रही टीचर गर्मी नहीं झेल पाई, प्रदर्शन के दौरान बेहोश

जिले में चल रहे नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट्स (एनसीएलपी) स्कूल के स्टाफ को 38 महीनों से सेलरी नहीं मिल सकी है।

लंबे समय से संघर्ष कर रहे स्टाफ के लोगों ने मंगलवार को डीसी ऑफिस कैंपस स्थित एडीसी और लेबर कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।

इस दौरान गर्मी के चलते एक महिला टीचर बेहोश हो गई, बड़ी मुश्किल से उसे होश में लाया गया।

आरोप है कि इतना कुछ होने के बाद भी उक्त विभागों के अधिकारियों ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया, जबकि इन लोगों के करीब 6 करोड़ रुपए बकाया हैं।

महिला विधवा, घर चलाने का दारोमदार उसी पर

प्रदर्शनकारियों की नुमाइंदगी करने वाले जसवंत सिंह ने बताया कि गरीब-मजदूर तबके के बच्चों पढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की पहल पर नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट के तहत 39 स्कूल चलाए जा रहे हैं।

यहां पर टीचर, क्लर्क, दर्जा चार समेत कुल 200 लोगों का स्टाफ है। मगर इन्हें 38 महीने से सैलरी नहीं दी गई है।

लॉकडाउन में उनके घरों की स्थिति बदतर हो गई है। कुल 6 करोड़ की रकम बकाया है, लेकिन प्रशासन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

विरोध जताने के लिए वे कैंपस में धरने पर बैठ गए। इसी बीच दौरान वरिंदर कौर नामक महिला टीचर बेहोश हो गई। वरिंदर कौर विधवा है और घर का दारोमदार उस पर है।

डीसी के जरिए केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे मामला : एडीसी

इस बारे में लेबर कमिश्नर हरदीप सिंह घुम्मण ने कहा कि वह नए आए हैं, उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।

दूसरी तरफ एडीसी (डेवलमेंट) रणधीर सिंह मूदल का कहना है कि वह इस मामले को डीसी के जरिए केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे।



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मंगलवार को एडीसी अॉफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई महिला टीचर को पानी पिलाती साथी टीचर। टीचर के बेहोश होने के बाद भी कोई अिधकारी उसका हाल जानने नहीं आया।

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July 08, 2020 at 04:30AM

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