कमिश्नरेट पुलिस और ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोजाना धड़ाधड़ काटे जा रहे चालानों से आम जनता परेशान होती जा रही है। वहीं ट्रैफिक थाने में चालानों की पेंडिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है। क्योंकि अभी तक ट्रैफिक पुलिस का सॉफ्टवेयर ही अपडेट नहीं हो सका है जिस कारण लोगों को चालान लेकर पहले ट्रैफिक थाने आना पड़ रहा है और फिर आरटीए ऑफिस में जाकर उसका भुगतान करना पड़ रहा है।
2 महीने में चालानों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। पुलिस कर्मचारियों को चालान काटने के टारगेट दिए हुए हैं। इस टारगेट के चक्कर में आम आदमी भी पिस्ता जा रहा है। इस कारण पुलिस प्रति लोगों का रोष बढ़ता जा रहा है। शहर के हर चौक में पुलिस मुलाजिम चालान काटते ही नजर आरहे हैं।
पिछले महीने चालान कटा अभी तक नहीं भुगता जा सका
गुज्जा पीर निवासी मुनीष ने बताया कि उसका चालान पिछले महीने 2 तारीख को कटा था। इसके बाद लगातार आरटीओ दफ्तर जा रहे हैं। न तो आरटीओ दफ्तर चालान पहुंचा और न ही ट्रैफिक थाने में चालान मिल रहा है। वहां पर बैठे कर्मचारी कह रहे हैं कि चालान अधिक होने के कारण चालान नहीं मिल पा रहा। तीन बार चक्कर लगा चुका हूं। ट्रैफिक पुलिस चालान तो कर रही है, लेकिन उसके भुगतान के लिए कुछ न कुछ सोर्स जरूर होना चाहिए।
2069 वाहनों को किया इंपाउंड...ट्रैफिक पुलिस और कमिश्नरेट पुलिस द्वारा 2 महीने में 40698 चालान काटे गए हैं और 2069 वाहनों को इंपाउंड किया गया। इसमें से आधे चालान भी नहीं भुगते जा सके। क्योंकि ट्रैफिक पुलिस का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो पाया। चालानों की संख्या 25 हजार के पार पहुंच गई है जो ट्रैफिक थाने पड़े हैं।
हेलो काका, तेरे फोन’च कोवा एप डाउनलोड है के नईं, जे नईं तां हुणे कर साडे सामने
बीएमसी चौक में पुलिस मुलाजिमों की ओर से लोगों को रोककर कोवा एप डाउनलोड करवाई जा रही है। पुलिस मुलाजिम युवाओं से कह रहे हैं कि हेलो काका, तेरे फोन’च कोवा एप डाउनलोड है के नईंं, जे नईं तां हुणे साडे सामने डाउनलोड कर, सानू उपरों आर्डर ने इंस्टाल करवान दे।
चौकों में जबरदस्ती लोगों को कोवा एप डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है। जबकि लोगों का कहना है कि जो हालात चल रहे हैं, उसके बारे में हर आदमी को पता है। ज्यादातर सभी के फोन में कोवा एप डाउनलोड है। अगर किसी ने नहीं की तो उसपर रौब जमाकर डाउनलोड न करवाई जाए। हालांकि कई लोगों ने पुलिस के इस काम को सराहा भी है।
शाम शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह 9 बजे बीएमसी चौक में पहुंचे तो एक पुलिस मुलाजिम पास अाया और कहने लगा कि कोवा एप डाउनलोड नहीं है तो कर लो। हमें उपर से हुक्म हैं डाउनलोड करवाने के। इसके बाद उन्होंने फोन पर एप डाउनलोड किया। उधर, पुलिस मुलाजिमों ने कहा कि प्यार से बात करके एप डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है। किसी को जबरदस्ती डाउनलोड नहीं करवाई जा रही। जो कह रहा है कि घर जाकर कर लेते हैं, तो उसको केवल समझाया जा रहा है कि एप डाउनलोड जरूर कर ले।
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July 07, 2020 at 05:18AM
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