कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकार फेल रही हैं। सरकारों की गलत नीतियों के चलते आर्थिकता तबाह हो गई और मजदूर तबका दर-दर भटकने को मजबूर हो गया।
दोनों ही सरकारों ने मजदूरों को उनके घरों तक भेजने का कोई खास बंदोबस्त नहीं किया है। बुधवार को कंपनी बाग में फासीवादी हमलों के विरुद्ध कम्युनिस्ट पार्टियों के आह्वान पर एक रैली का आयोजन किया गया।
रैली में प्रधानगी कामरेड रत्न सिंह रंधावा, कामरेड लखबीर सिंह निजामपुरा, अवतार सिंह जस्सड़, कामरेड मंगल सिंह विशेष तौर पर शामिल रहे।
इस दौरान सीपीआई, भारतीय इंकलाबी मार्कसवादी पार्टी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ( एमएल) न्यू डेमोक्रेटिक, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (एमएल) लिब्रेशन, मार्क्सी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ल(यू), इंकलाबी केंद्र पंजाब, लोक संघर्ष मंच, इंकलाबी जम्हूरी मोर्चा के नेताओं ने संबोधित किया।
इस मौके पर कामरेड अमरजीत सिंह आसल, कामरेड गुरनाम सिंह दाउद, कामरेड जतिंदर सिंह छीना, कामरेड मंगल सिंह, कामरेड विजय मिश्रा, कामरेड गुरदीप सिंह, कामरेड जगतार सिंह कर्मपुरा, कामरेड दसविंदर कौर, कामरेड अमरीक सिंह दाउद, कामरेड गुरभेज सिंह, कामरेड बलदेव सिंह सैदपुर, कामरेड बलदेव सिंह दुधाला, कामरेड प्रकाश सिंह खोखियां, कामरेड रविंदर सिंह छज्जलवड्डी आदि मौजूर रहे।
कामरेडों की 5 प्रमुख मांगें
केंद्र और राज्य सरकार अपने हिस्से के टैक्स घटाकर पेट्रोल-डीजल के रेट कम करे।
खेती के लिए लाए गए तीनों आर्डिनेंस और बिजली एक्ट 2020 को रद्द किया जाए।
सेहत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था का सरकारीकरण किया जाए।
लॉकडाउन के कारण बेरोजगार मजदूरों काे हर माह 10 हजार रुपए दिए जाएं।
कोरोनाकाल में आम लोगों पर दर्ज झूठे मामले रद्द किए जाएं।
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July 09, 2020 at 04:32AM
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