शहर में चारों ओर हो रहे अवैध निर्माण नगर निगम के म्युनिसिपल विभाग की कारगुजारी पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
ग्रीन एवेन्यू में 150 गज की जगह पर रिहायशी नक्शा पास कराकर नियमों के खिलाफ बहुमंजिला इमारत खड़ी कर ली है।
जिसमें ढाई मंजिला की लिमिट क्रॉस कर तीसरे-चौथे फ्लोर पर आधी-आधी मंजिल फालतू बनाई है। वहीं बिना परमिशन बेसमेंट तैयार कर हाउस लाइन की वायलेशन भी की गई है।
इसके बावजूद एमटीपी विभाग का मूकदर्शक बने रहना, मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। खास बात यह है कि बिल्डिंग के खिलाफ इलाके वालों ने 18 दिसंबर 2018 को डिप्टी कमिश्नर को शिकायत भेजी, जोकि आगे निगम कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और डीईटीसी को मार्क कर दी गई थी।
वहीं 6 महीने तक कार्रवाई नहीं हुई तो 21 जून को 2019 मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी, लोकल एडमिनिस्ट्रेशन सहित 16 अथाॅरिटी को यही शिकायत भेजी गई।
एमटीपी विभाग की लापरवाही की हद ही कहेंगे कि एक साल से नियमों को दरकिनार करके बिल्डिंग बनती रही, लेकिन जिम्मेदार अफसर बेपरवाह और तमाशबीन बने रहे।
वहीं शिकायतकर्ता एमटीपी विभाग के चक्कर लगाने के साथ ही मोबाइल से भी शिकायतें करते रहे। अब इस बिल्डिंग के खिलाफ निगम कमिश्नर को मंगलवार को दोबारा व्हाट्सएप पर शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं शिकायतकर्ताओं ने अब एक्शन नहीं होने की सूरत में हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
निगम दफ्तर से 700 मीटर दूर नियमों की धज्जियां
इस बिल्डिंग के मालिक ने मई 2019 में एमटीपी विभाग से दो नक्शे पास करवाए थे। जिसमें एक नक्शा 250 गज में नए सिरे से रिहायशी इमारत बनाने और 150 गज में रिहायशी इमारत बनाने का पास करवाया गया था।
वहीं निर्माणाधीन 150 गज बिल्डिंग में निगम ने ढाई मंजिला बनाने की मंजूरी दी थी लेकिन तीसरे-चौथे फ्लोर पर आधा-आधा मंजिल ज्यादा बना ली गई।
निगम दफ्तर से मात्र 700 मीटर की दूरी पर ही बिल्डिंग बॉयलाज की धज्जियां उड़ती रहीं लेकिन एमटीपी विभाग के अफसर बिल्डिंग के खिलाफ शिकायतों को नजरअंदाज करते रहे।
निगम ने नोटिस भेजकर महज खानापूर्ति की
इलाके वालों ने गत वर्ष 21 जून को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, लोकल बॉडीज मिनिस्टर, चीफ सेक्रेटरी, सेक्रेटरी लोकल बॉडीज गवर्नमेंट,डायरेक्टर लोकल बॉडीज, डायरेक्टर विजिलेंस, डायरेक्टर हेल्थ, पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड, सांसद, राज्यसभा मेंबर, मेयर, डीसी, पुलिस कमिश्नर, निगम कमिश्नर सहित 16 अथाॅरिटी को शिकायतें भेजी।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक उम्मीद थी कि इन हायर अथाॅरिटी के हस्तक्षेप के बाद निगम बिल्डिंग पर कार्रवाई जरूर करेगा। वहीं एमटीपी विभाग के अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने से साफ है कि उन्हें परवाह नहीं है।
शिकायतकर्ता कंवलदीप सिंह औलख, गुरप्रीत सिंह कटारिया, अश्विनी बत्तरा, अमरदीप सिंह संधू ने बताया कि इस निर्माणाधीन इमारत में कई तरह की वॉयलेशन की गई है।
बिल्डिंग शुरू होते ही इलाके वालों ने निगम को चेताया था कि बिल्डिंग निर्माण में कोई वायलेशन न होने दी जाए, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक निगम की और से कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अब वे लोग हाईकोर्ट की शरण में जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह कटारिया के मुताबिक एमटीपी विभाग के करीब डेढ़ दर्जन चक्कर काट चुके हैं, और विभाग ने कार्रवाई करने की जगह मात्र नोटिस भेजकर खानापूर्ति की है।
इसी हफ्ते से अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई
नगर निगम मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू और कमिश्नर के पास 105 इमारतों की लिस्टें पहुंच चुकी हैं। जिनमें से 40 के करीब अवैध निर्माण नॉन कंपाउंडेबल हैं।
एमटीपी विभाग की तरफ से सौंपी गई लिस्टों की बात करें तो सभी 5 विधानसभा हलकों में धड़ाधड़ निर्माण हुए हैं और सबसे ज्यादा निर्माण नार्थ से संबधित हैं।
निगम ने इन सभी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की है। जिसमें पुलिस सहायता के साथ बड़े स्तर पर कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है।
अवैध निर्माणों के खिलाफ अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण नगर निगम की काफी किरकिरी हो चुकी है।
निर्माणाधीन बिल्डिंग पर कार्रवाई की जाएगी
^ग्रीन एवेन्यू के इलाके वालों ने निर्माणाधीन बिल्डिंग में बिल्डिंग बॉयलाज की वायलेशन होने की शिकायत दी है। इसमें बनती कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप रिषी, एडिश्नल कमिश्नर नगर निगम
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/2BQJFL5
July 08, 2020 at 04:48AM
No comments:
Post a Comment