Amazon

Thursday, September 24, 2020

शहर में दहशत फैला फिरौती मांगने वाली गैंग के सरगना प्रदीप उर्फ अन्ना का साथी सहित सरेंडर

शहर में भाजपा नेता व एक व्यापारी के घर गोली चलाकर फिरौती मांगने वाली गैंग के मुखिया प्रदीप उर्फ अन्ना व उसके साथी ने पुलिस के दबाव में सीआईए में आत्मसमर्पण कर दिया है। मंगलवार देर रात सरेंडर के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई वारदातों के राज खुल सकते हैं।

पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि मंगलवार देर शाम को प्रदीप उर्फ अन्ना व नई सराय निवासी उसके साथी लोकेश को याेजना के तहत अन्ना के पिता ने सीआईए में आत्मसमर्पण कराया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रवक्ता ने बताया कि प्रदीप उर्फ अन्ना मूल रूप से गुड़गांव जिले के झाड़सा का रहने वाला है और 8 वर्ष से नसीबपुर में किराए पर रह रहा था। जबकि इसका परिवार ढाणी अफगान में 2 वर्ष से रह रहा है। प्रदीप के अनुसार वह कमेटी चलाता था व फाइनेंसिंग का काम भी करता था। इस बीच उसपर काफी कर्ज हो गया। इसके लिए उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। अखबारों में वह रंगदारी मांगने जैसी खबर पढ़ता था।

इससे उसके मन में भी विचार आया कि एक ऐसी गैंग बनाई जाए जो लोगों मे दहशत फैला दे और फिर फोन करते ही लोग पैसे दे दें। इस काम के लिए उसका एक दोस्त कासनी गांव के साथी ने अन्ना को परवीन निवासी उमरा से मिलवाया। परवीन ने अन्ना के लिए लड़कों का प्रबंध करने व हथियार भी मुहैया कराने की जिम्मेवारी ली। इसके साथ ही अन्ना की लोकेश से जान पहचान राकेश ने कराई थी।

इस प्रकार 2 लड़के लोकल व 5 लड़के जिला हिसार व खुद अन्ना की आपस मे बात हो गई और गैंग बन गई। अन्ना ने कहा कि सबका हिस्सा बराबर का होगा। फिर अन्ना को परवीन ने पूरा प्लान समझाया ओर पर्ची पर लिखकर देना भी परवीन का प्लान था। इससे पहले शहर में अना के साथ कई दिन रेकी की लोकेश ने ही अपने मोहल्ले के रवि कुमार गुप्ता व बीजेपी नेता दया राम के मकान को टारगेट बनाया। इसके मुताबिक 27 अगस्त को नई सराय में रवि गुप्ता व 28 अगस्त को हुडा में दयाराम के घर वारदात को अंजाम दिया। लोकेश दोनों वारदातों में साथ रहा। उसके अगले दिन ही ये सभी नारनौल से निकल गए।

पैसा खत्म होने पर अब भागने की और हिम्मत नहीं रही
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सीआईए ने इस गैंग का सुराग 48 घण्टे में ही लगा दिया था। इनके आधार पर सबसे पहले इस गैंग के 3 सदस्य सोमबीर, रोहित व राकेश को 4 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सोनू, विकास को गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी के बाद प्लान का मास्टरमाइंड परवीन भी धरा गया। इनकी गिरफ्तारी के बाद सीआईए पूरी तरह अन्ना के पीछे लग गई। कई ठिकानों पर छापेमारी की, पर आरोपी ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान आरोपी अन्ना व लोकेश के रुपए खत्म हो गए और रुपयों का प्रबंध नहीं हो सका। आखिर में पुलिस के दबाव के चलते आरोपी अन्ना व लोकेश ने अपने परिवार के साथ सीआईए में आकर आत्मसमर्पण कर दिया।

प्रदीप पर दिल्ली समेत 3 जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार इस शातिर गैंग लीडर प्रदीप उर्फ अन्ना के खिलाफ रोहतक, सोनीपत, दिल्ली में धारा 420 सहित कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इन सभी मुकदमों में आरोपी कोर्ट से पीओ घोषित किया हुआ है। उसकी तलाश दूसरे जिले की पुलिस को भी थी। प्रवक्ता ने बताया कि अन्ना ने वर्ष 2009 में नारनौल अनाज मंडी के व्यापारी को भी गोली मारी थी।

प्लान था कि लोग अन्ना के नाम से ही डर जाएं
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गैंग लीडर अन्ना चाहता था कि शुरू में उन्हें भले ही फिरौती ना मिले पर शहर में अन्ना गैंग की इतनी दहशत फैल जाए कि जब भी किसी को फोन करे तो वह इतना डर जाए कि किसी को नहीं बताए और फिरौती की रकम दे जाए। इसके लिए शरुआत में इनका 6-7 जगह टारगेट था। इसके लिए टारगेट भी फिक्स कर लिए थे। पर दूसरे प्रयास में ही धरे गए।

अपराध व अपराधियों को जिले में नहीं पनपने दिया जाएगा। सीआईए व साइबर टीम का कार्य प्रशंसनीय है। टीम के सदस्य को प्रशंसा पत्र से सम्मानित होंगे। सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर अनिल कुमार, एएसआई अशोक, लाल सिंह, ऋषि, एचसी राकेश, भूपेंद्र, अनिल व घनश्याम शामिल हैं। -चंद्रमोहन, एसपी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पुलिस गिरफ्त में रंगदारी मांगने वाली गैंग का मुखिया व गुर्गा।

https://ift.tt/32Uiutr
दैनिक भास्कर,,1733

No comments:

Post a Comment