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Thursday, September 24, 2020

बंदरों व बेसहारा पशुओं से परेशान सेक्टरवासियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर न्याय मांगा

शहर में बंदरों व बेसहारा पशुओं से शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए सेक्टर-6 के लोगों ने अदालत के द्वार खटखटाए है। सेक्टर छह निवासी महिपाल गुलिया व योगेंद्र ने बताया कि नगर परिषद व स्थानीय प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरी में अदालत के द्वार खटखटाए है। महिपाल ने कहा कि बेसहारा गोवंश सड़कों के साथ-साथ शहर की काॅलोनियों में झुंड बनाकर घूम रहा है। सड़कों पर गोवंश की टक्कर से हादसे होते रहते हैं। इससे वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। लोग घायल हो रहे हैं। यहां तक कि तीन साल में सात लोगों की जान जा चुकी है।

एसडीएम ने नप अधिकारियाें काे पत्र लिखकर तीन दिन में मांगा जवाब

बहादुरगढ़ में बेसहारा गोवंश को लेकर यहां के एसडीएम हितेंद्र शर्मा ने भी नप की कार्यवाही के लिए कहां है पर नप ने कोई काम नहीं किया। एसडीएम ने भी नगर परिषद को पत्र लिखकर कहा था कि बेसहारा पशुओं के लिए अब तक आपने क्या कार्रवाई की है। इन्हें पकड़ने के लिए आपके पास क्या योजना है। उन्होंने नप अधिकारियों से तीन दिन में जवाब देने की बात कही थी। नप की ओर से पत्र का जवाब मिलने के बाद एसडीएम की ओर से आगामी कार्रवाई जब करेंगे पर अब लोगों ने अदालत के द्वार खटखटाने शुरू किए है।

गौरतलब है कि बहादुरगढ़ में पिछले कुछ सालों में सात लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को बादली रोड पर एक महिला को सांड ने टक्कर मार थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह से 3 सितंबर 2017 को लाइनपार निवासी चंद्र सिंह दलाल(88) को सांड ने टक्कर मार दी थी, जिससे छह माह बाद 15 फरवरी 2019 को उनकी मौत हो गई थी। 26 अक्टूबर 2017 की सुबह लाइनपार निवासी शेर सिंह सिघल(80) को भी सांड ने टक्कर मार दी थी। इसके दो दिन बाद उनकी मौत हो गई थी।

21 जनवरी की रात को लाइनपार के ही रामचंद्र (88) को सांड ने टक्कर मार दी थी, जिससे सात दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। इतना ही नहीं कई अन्य भी हादसे हो चुके हैं। अब यह हादसे तेजी से बढ़ने लगे हैं। महिपाल गुलिया ने बताया कि 3 सितंबर 2017 को लाइनपार के पंचमुखी चौक के पास दो सांडों की लड़ाई के दौरान चपेट में आए 88 वर्षीय चंद्र सिंह नांदल, छह माह बाद 15 फरवरी 2018 को मौत हुई थी। 26 अक्टूबर 2017 को बेसहारा सांड ने लाइनपार की फ्रेंडस कालोनी में 80 वर्षीय शेर सिंह सिंघल व एक अन्य बुजुर्ग ज्ञान दत्त को मारी टक्कर, दो दिन बाद 28 को पीजीआई में उपचार के दौरान शेर सिंह सिंघल की मौत हो गई थी। इसी तरह से 23 अगस्त 2018 में गोवंश की टक्कर से सेक्टर 6 के पास पटेल नगर निवासी 74 वर्षीय साहबो देवी की मौत हो गई थी।

गाेवंश की चपेट में आने से कुश्ती काेच चाेटिल

20 दिसंबर 2018 में कुश्ती कोच बुल्लड़ पहलवान भी गोवंश की टक्कर से चोटिल हुए थे। एक जनवरी 2019 को सेक्टर 17 के पास पानीपत निवासी बाइक सवार योगेंद्र की मौत हो गई थी तथा उसका साला रिकू घायल हो गया था। 2 सितंबर 2019 को गांव लडरावण में बेसहारा गोवंश की चपेट में आने से बाइक सवार बिहार के दरभंगा जिले के गांव बहेड़ी निवासी 22 वर्षीय संजीव महतो की मौत हो गई थी। 21 जनवरी 2020 को लाइनपार के शंकर गार्डन निवासी 84 वर्षीय रामचंद्र को गोवंश ने मारी टक्कर, 28 जनवरी को पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 14 अगस्त 2020 को बहादुरगढ़ में मजदूरी करने वाले कैथल के पाई गांव निवासी कर्मचंद की रेलवे रोड के पास गोवंश की चपेट में आने से मौत हो गई थी।

बचने के लिए छतों पर लगाए जाल

बंदरों के कारण लोगों ने छतों पर लोहे के जाल लगाने शुरू कर दिए यह सिलसिला वैसे तो कई सालों से जारी है लेकिन एक साल से अधिक समय हो जाने के बाद भी बंदरों को उन्हें पकड़ने के कारण अब बंदर छतों पर जा रहे लोगों को काटने लगे वहीं छत पर कपड़े भी फाड़ देते हैं इससे परेशान लोगों ने छतों पर लोहे की जाल लगाकर बंदरों को आने से रोकने का प्रयास फिर से शुरू कर दिया। गौरतलब है कि शहर के अंदर से स्कूलों में पहले से ही लोहे की ग्रिल लगाई है जिससे बंदर बच्चों को चोट ना पहुंचा सके। आमतौर पर बच्चे हाथ में टिफिन बॉक्स रखते हैं जिसके चलते बच्चे बंदरों का शिकार बन जाते हैं।

हाईवे पर गाेवंश का जमावड़ा

शहर के अंदर मुख्य मार्ग पर सड़क के बीच में बैठे सांड लोगों व वाहन चालकों के लिए खतरे का घर बने हुए हैं। रात ढलते ही गोवंश सड़कों पर आ जाते हैं। सड़कों पर बैठे व घूम रहे बेसहारा गोवंश वाहन चालकों के लिए किसी भी आफत से कम नहीं। कारण कि यहां रात को भी शहर से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेसहारा गोवंशों से बचने के प्रयास में ब्रेक पर ब्रेक लगानी पड़ती हैं। यहां तक कि बार-बार हॉर्न देने के बाद भी बड़ी मुश्किल से रास्ता मिलता है। यह शहर के किसी एक क्षेत्र के हालात नहीं हैं। बल्कि हर चौक-चौराहे पर ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है।

बेसहारा गाेवंश काे लेकर नप काे भेजा पत्र

मैंने बेसहारा गोवंश को लेकर नप को पत्र भेजा है। अधिकारियों से पूछा गया है कि गोवंश को पकड़ने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी मांगी गई है। उनकी ओर से जानकारी आने के बाद ही इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी। -हितेंद्र शर्मा, एसडीएम, बहादुरगढ़।



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बहादुरगढ़ सेक्टर छह निवासी महीपाल सिंह व योगेंद्र ने कोर्ट में लगाई अर्जी।

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दैनिक भास्कर,,1733

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