केन्द्र सरकार द्वारा पास किए गए कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन को विभिन्न संगठनों, राजनीतिक पार्टियों के अलावा यूथ का भी सबसे बड़ा समर्थन मिलना शुरू हो गया है। बुधवार को भाकियू उगराहां की ओर से शहर में मोटरसाइकिल मार्च कर 25 सितंबर को पंजाब बंद को सफल बनाने के लिए दुकानदारों और व्यापारियों को अपना कारोबार बंद रखने की अपील की गई।
अनाज मंडी में बड़ी संख्या में जुटे किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू के कार्यकारी राज्य महासचिव गुरदीप सिंह व गोबिंदर बडरूखां ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जो तीन कृषि बिल पास किए हैं, वह किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी बर्बाद कर देंगे। इस बिल से आढ़ती, पल्लेदार, ट्रांस्पोर्ट, मजदूर, छोटा दुकानदार समेत अन्य वर्ग बुरी तरह से प्रभावित होगा। मौके पर कर्मजीत सिंह मंगवाल, लाभ सिंह खुराना, हरदेव सिंह कुलारां, कर्मजीत मंडेर, कृष्णजीत सिंह, शिंदर बडरूखां, हाकम सिंह, बलजिंदर कनोई आदि उपस्थित थे। इसके अलावा बुधवार को कीरती किसान यूनियन की अगुवाई में भी विभिन्न संगठनों की ओर से शहर में मार्च निकाल कर लोगों को व्यापार बंद रखने की अपील की गई।
कल सड़क यातायात करेंगे बंद
भाकियू की ओर से वीरवार को जिलेभर से किसान सुबह 10 बजे छाजली रेलवे स्टेशन पर एकत्रित होंगे। यहां रेलवे लाइन पर दिन-रात का पक्का धरना शुरू किया जाएगा। जोकि 26 सितंबर की शाम तक जारी रहेगा। 25 सितंबर को हर ब्लॉक में धरने प्रदर्शन होंगे। संगरूर व धूरी ब्लॉक के किसान बडरूखां या लड्डा हाइवे पर धरना देकर यातायात को ठप करेंगे। कोई यातायात को नहीं चलने दिया जाएगा।
संघर्ष में इन संगठनाें का समर्थन
किसानों के संघर्ष को नौजवान भारत सभा, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी, बेरोजगार बीएड अध्यापक यूनियन, आईडीपी, पंजाब व यूटी संघर्ष मोर्चा, तर्कशील सोसायटी, करियाणा एसोसिएशन, आढ़ती वर्ग, विभिन्न किसान व संघर्षशील संगठन, फ्रीडम फाइटर उत्तराधिकारी संगठन, डीटीएफ समेत आम वर्ग के लोगों ने भी अपना समर्थन दिया है।
ग्रामसभा बुलाने का प्रस्ताव डालने वाली पंचायतों के साथ सांसद मान।
ग्रामसभा देश की सबसे बड़ी ताकत, सुप्रीम कोर्ट में भी चैलेंज नहीं किया जा सकता : भगवंत मान
संगरूर|संसद में कृषि बिलों के पास होने के बाद अब पंचायतों की ओर से ग्राम सभा में बिलों के विरूद्ध प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इसकी शुरूआत संगरूर से की जा रही है। बुधवार को आप सांसद भगवंत मान की अगुअाई में जुटीं जिले की 10 पंचायतों ने 30 सितंबर को ग्रामसभा बुलाने का एलान किया है। सांसद भगवंत मान द्वारा गांवों की पंचायतों और लोगों को कृषि बिलों के विरूद्ध ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मान का कहना है कि ग्रामसभा देश की सबसे बड़ी ताकत होती है।
देशभर में सभी पंचायतों और ग्रामीणों को पार्टीबाजी से ऊपर उठ कर बिलों के विरोध में प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। ग्राम सभा के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में भी चैलेंज नहीं किया जा सकता है। ग्राम सभा लोकतंत्र की जड़ है। नियमों अनुसार सरपंच एक सप्ताह में गांव की ग्राम सभा बुला सकता है।
प्रस्ताव की कॉपी पीएम, कृषिमंत्री और राष्ट्रपति को सौंपी जाएगी| सांसद मान ने बताया कि ग्रामसभा में प्रस्ताव पास करने के लिए बुधवार को उनके पास 10 पंचायतें आई हैं। 30 सितंबर को यह पंचायतें बिलों के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करेंगीं। उन्होंने समूह पंचायतों और ग्रामीणों को अपील की कि सभी सर्वसम्मति से ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर बिलों का विरोध करें। प्रस्ताव की कॉपी उन्हें भेज दी जाए, जिसे वह प्रधानमंत्री, कृषिमंत्री और राष्ट्रपति को सौपेंगे।
बरनाला व्यापार मंडल, बस ऑपरेटर्स, सब्जी मंडी एसोसिएशन रेहड़ी और मजदूर यूनियन का किसानों की बंद को समर्थन
बरनाला. केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए कृषि बिलों के खिलाफ किसानों के चल रहे संघर्ष के तहत 30 किसान संगठनों ने 25 को बंद का एलान किया है। इस बंद को सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस, अकाली दल (बादल), आम आदमी पार्टी, लोक इंसाफ पार्टी के अलावा जिले के व्यापार मंडल, बस ऑपरेटर यूनियन, सब्जी मंडी एसोसिएशन, रेहड़ी यूनियन, मजदूर यूनियन आदि ने भी किसानों के बंद के समर्थन का एलान किया है। व्यापार मंडल के जिला प्रधान अनिल बंसल नाणा ने कहा कि 25 को किए जा रहे बंद में वह पूर्ण समर्थन करेंगे।
जिले में 25 सितंबर को किसी भी तरह की आवाजाही पर पूर्ण तौर पर प्रतिबंध होगा। साथ ही कोई भी दुकान नहीं खुलेगी। शहर के अंदर अगर कोई दुकान खोलेगा तो किसानों से पहले व्यापार मंडल उसका विरोध करेगा।
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September 24, 2020 at 04:40AM
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