फाजिल्का-फिरोजपुर रोड पर स्थित ढाणी मुंशी राम में एक पेट्रोल पंप के पास धुंध से सुबह 8 बजे दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसके चलते दोनों ट्रकों के ड्राइवर बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को फाजिल्का के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
घायलों की पहचान तरसेम सिंह वासी भिक्खी व बलदेव सिंह वासी मलोट के तौर पर हुई है। टक्कर के बाद उक्त रोड पर जाम लग गया तथा पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवाया गया। पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की गई।
इस बार सर्दी का मौसम कुछ जल्द ही शुरू हो गया है। नवंबर तक मौसम ठीक था, न ही सर्दी थी और न ही गर्मी, लेकिन रविवार की सुबह पड़ी गहरी धुंध ने मौसम में एकदम से बदलाव कर दिया।
सुबह के समय धुंध के साथ चली सर्द हवाओं ने भी लोगों को काफी परेशान किया। सुबह के समय धुंध इतनी गहरी थी कि किसी भी वाहन की स्पीड 20-30 से ऊपर नहीं हुई। सुबह 10 बजे भी सभी वाहन धुंध के कारण होने वाली किसी घटना से बचने के लिए लाइटें जलाकर चल रहे थे।
गेहूं बिजाई के कार्य ने पकड़ी गति
रविवार को आई मौसम की पहली धुंध में नमी और ठंड बढ़ने के कारण किसानों के गेहूं फसल बिजाई के कार्य ने गति पकड़ ली है। धुंध के कारण सोमवार को पारे में भी गिरावट आ सकती हैं। किसान छिंदर सिंह ने बताया कि रविवार को आई धुंध से फसलों को फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि सरसों की फसल में भी धुंध रामबाण का काम करेगी, क्योंकि सरसों की फसल में जो धोलिया रोग लगा हुआ था, वह ओस की बूंदों से खत्म हो जाएगा और पौधे की बढ़त दोगुनी हो जाएगी। वहीं गेहूं की फसल को भी इसका लाभ मिलेगा। अभी आगे भी इसी तरह धुंध का मौसम रहेगा जिससे किसानों की फसल को काफी लाभ पहुंचेगा।
बीमारियों से बचाव के लिए पानी उबालकर पीएंं : डॉ. नवदीप
डॉ. नवदीप जसूजा ने कहा कि सर्दी में बीमारियों से बचाव के लिए पानी उबालकर पीएं तथा तली चीजों के इस्तेमाल से बचें क्योंकि इन चीजों में इस्तेमाल होने वाला तेल, घी रिफाइंड आदि हमारी नसों में जम जाता है। इस कारण कई प्रकार की बीमारियां पैदा होती हैं।
उन्होंने कहा बीपी के रोगी सर्दियों में नमक भी कम कर दें। उन्होंने कहा कि सूखी सर्दी के कारण बच्चे बुजुर्ग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इसमें बड़े लोगों में बीपी, दिल का दौरा, अधरंग, सांस की बीमारी, निमोनिया बुखार की चपेट में सकते हैं।
गर्म कपड़ों की दुकानों पर रही रौनक
सर्दी बढ़ते ही जहां गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ दिखाई देने लगी है। वहीं सड़क किनारे रेहड़ी लगाकर गर्म जुराबें, टोपियां व अन्य वस्तुएं बेचने वालों के चेहरे भी खिल गए हैं। रेहड़ी चालक गौरव ने बताया कि भले ही नवंबर महीने से ही सर्दी का सीजन शुरू हो गया, लेकिन धुंध न पड़ने के कारण उनका काम अभी तक धीमी गति से चल रहा था। लेकिन रविवार को पड़ी धुंध के बाद से लोगों ने खरीदारी तेज कर दी है।
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December 07, 2020 at 04:00AM
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