स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में लगाई जा रही एलईडी लाइट्स का प्रोजेक्ट अभी तक चारों जोन में तय डेडलाइन में पूरा नहीं हो पाया है। निगम अधिकारी के मुताबिक जोन-डी और बी में तो लाइट लगाने का काम पहले ही पूरा हो चुका था, जबकि जोन-सी के सभी वार्डांे में एलईडी लाइट्स लगाने का काम पूरा होने का दावा कंपनी ने किया है, जिसकी एनओसी जांच के बाद जारी होनी है।
निगम अधिकारी ने ये भी बताया कि जोन-ए में काम अधूरा है। एसई राहुल गगनेजा के अनुसार कंपनी ने उनको बताया है कि 1 लाख 4 हजार स्ट्रीट लाइटें उनकी तरफ से लगा दी हैं। इस बारे में मेयर बलकार सिंह संधू ने कहा कि अभी पूरी तरह से सारे प्रोजेक्ट की री-चेकिंग की जाएगी, बार-बार पार्षदों का यही कहना है कि उनके इलाके में लाइटें या तो खराब हैं या जलती नहीं हैं। प्रोजेक्ट के पूरा होने की एनओसी पूरी जांच के बाद ही जारी होगी, जो कमियां सामने आएंगी उसके लिए अफसरों की भी जिम्मेदारी पर एक्शन लिया जाएगा।
जहां लगी लाइटें, वहां बिजली बिल हुआ कम
हालांकि हर बार हाउस मीटिंग हो या जनरल, मेयर के साथ पार्षदों की हर मीटिंग में पार्षदों की तरफ से सबसे पहले यही बात उठाई जाती है कि उनके वाॅर्डों में एलईडी लाइटें तो लगी हैं, लेकिन कुुछ खराब हो चुकी हैं या कुछ जलती ही नहीं हैं। वहीं, दूसरी तरफ इन सबसे परे निगम को बड़ा फायदा एलईडी लाइटें लगने के बाद हर महीने सवा 3 करोड़ का बिजली का बिल कम होकर अब डेढ़ करोड़ पर आ चुका है। लेकिन इस डेढ़ करोड़ के बिल में और कटौती होनी बाकी है, क्योंकि निगम के अधिकारी पावरकॉम से बिजली कनेक्शन का लोड कम करवाना ही भूले बैठे हैं। ऐसे में अब मौजूदा समय के अनुसार एलईडी लाइट्स की कंजप्शन के मुताबिक ही लोड निगम की तरफ से पावरकॉम से लेना होगा। जबकि पुरानी स्ट्रीट लाइटों के लिए निगम को लोड ज्यादा लेना पड़ा था।
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December 08, 2020 at 05:08AM
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