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Wednesday, December 9, 2020

ऑपरेटर के घर से मिले बिना प्रिंट हुए 250 लाइसेंस, गिरफ्तार; 6 एजेंट राउंडअप,तीन साल पहले रुपये 25000 लेकर बनाया लाइसेंस निकला फर्जी

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर जाली लाइसेंस बनाने का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। ट्रैक पर तैनात स्मार्ट चिप कंपनी के मुलाजिम शिवी ने कनाडा गए युवक का 3 साल पहले चिप वाला फर्जी लाइसेंस बना दिया। शिवी ने एजेंटों के साथ मिलकर 25 हजार रुपए लिए थे। जब लाइसेंस की जांच हुई तो फर्जी निकला, जिसके बाद युवक को डिपोर्ट कर दिया गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने सोमवार की देर रात मुलाजिम शिवी पर पर्चा दर्ज कर अरेस्ट कर लिया है, जबकि घोटाले में शामिल 6 अन्य एजेंटों को राउंडअप किया जा रहा है। शिवी पांच साल से ट्रैक पर डेटा एंट्री ऑपरेटर है। पुलिस को शिवी के घर से बिना प्रिंट हुए 250 लाइसेंस, प्रिंटर, स्कैनर, लैपटाॅप और आधार कार्ड के साथ बड़ी गिनती में जाली लाइसेंस मिले हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

8 हजार तनख्वाह, नई खरीदी और 30 हजार का फैंसी नंबर लिया

शिवी की सैलरी 8 हजार है और उसने हाल ही में नई बुलेट बाइक खरीदी थी, जिस पर 30 हजार रुपए का फैंसी नंबर लगाया है। इसके अलावा महंगे मोबाइल तथा लाखों की दुकान खरीद रखी है। पुलिस ने विशाल के दफ्तर पर भी छापेमारी करके कई संदिग्ध सामान कब्जे में लिया है। इस बाबत सेक्रेटरी आरटीए बरजिंदर सिंह का कहना है कि विभाग को ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

पुलिस को टोनी की तलाश
डिपोर्ट होकर वापस आए बस्ती नौ के रहने वाले अबू नामक युवक की शिकायत पर थाना-5 की पुलिस ने जांच शुरू की। एसएचओ रविंदर कुमार ने बताया कि अबू ने लाइसेंस बनवाने के लिए एजेंट टोनी का सहारा लिया था। ट्रैक पर सक्रिय एजेंट काका और विशाल के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने 3 एजेंटों के नाम का खुलासा नहीं किया है।



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250 licenses printed from operator's home, arrested; 6 agent roundup, three years ago, Rs 25000 license was made fake

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December 09, 2020 at 04:34AM

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