सिटी की सफाई व्यवस्था, रोड किनारे बने डंप से लेकर घरों से कूड़ा उठाने के लिए रेहड़ा की मांग को लेकर अब निगम हाउस की मीटिंग में सबसे ज्यादा हंगामा हो रहा है। वरियाणा डंप पर 7.50 लाख मीट्रिक टन कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत 2 साल में बायो माइनिंग प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सिटी के 180 बल्क वेस्ट जेनरेटर में से सिर्फ 54 अपना कूड़ा प्रोसेस कर रहे हैं, तो रोजाना 80 वार्ड में 12 लाख की आबादी से निकलने वाले औसतन 500 टन कूड़े में से महज 10 फीसदी का सोर्स सेग्रीगेशन और कंपोस्ट बनाकर निस्तारण हो रहा है।
ऐसे में स्वच्छता सर्वे 2021 में निगम को बीते साल में मिले 119 वें रैंक से ऊपर बढ़ने की बजाय इसको बरकरार रखने की चुनौती ज्यादा होगी। सर्वे का तीसरा क्वार्टर 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है, जिसमें 25 दिसंबर तक केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर डेटा अपलोड करने की डेडलाइन है।
इस बार डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन नहीं, लेकिन पड़ताल करने आएगी नेशनल एजेंसी की टीम, खतरनाक कूड़े की मैनेजमेंट नहीं, कटेंगे अंक
निगम में स्वच्छ भारत मिशन के इंचार्ज डॉ. श्री कृष्ण शर्मा ने बताया कि इस बार 4 की बजाय सिर्फ 3 कैटेगरी में सर्वे होगा। इसमें डायरेक्टर अब्जर्वेशन को खत्म कर पब्लिक वॉइस का नंबर बढ़ा दिया गया है। ऐसे में निगम द्वारा दिए गए डेटा और सर्टिफिकेट पर ही सारा दारोमदार होगा, लेकिन किसी फैक्ट की पड़ताल के लिए सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी सिटी का निरीक्षण कर सकती है, वैसे इस बारे में निगम प्रशासन को कोई सूचना या जानकारी नहीं होती है। सिटी में अब तक गीला और सूखा कूड़ा की सेग्रीगेशन और निस्तारण का इंतजाम निगम नहीं कर पाया है।
जबकि इस सर्वे में खतरनाक कूड़े का अलग से कलेक्शन करने के साथ ही इसके निस्तारण के इंतजाम के लिए काफी नंबर रखे गए हैं। कारण एनजीटी ने कहा है कि इस कैटेगरी में घरों से निकलने वाले डाइपर और सेनेटरी पैड कई संक्रमण वाली बीमारी पैदा करने का बड़ा कारण है, लेकिन फिलहाल निगम के पास इसके कलेक्शन और निस्तारण का इंतजाम नहीं होने से सर्वे में नंबर कटेंगे।
तीन कैटेगरी में कुल 6000 अंकों की होगी परीक्षा
1. सर्विस लेवल प्रोग्रेस (कुल 2400 अंक)- }क्लेक्शन एंड ट्रांसपोर्टेशन के 600 }प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल के 800 }सस्टेनेबल सेनिटेशन के 600
2. सर्टिफिकेशन (कुल 1800 अंक)- इसमें ओडीएफ++ अर्थात खुले में शौच मुक्त शहर, गार्बेज फ्री सिटी की सर्टिफिकेशन पर अंक मिलते हैं।
3. सिटीजन वॉयस (कुल 1800 अंक)- }सिटीजन फीडबैक के 600 }सिटीजन इंगेजमेंट के 450 }सिटीजन एक्सपीरियंस के 300 }स्वच्छता एप के 350 }इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिस के 100 अंक
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December 07, 2020 at 04:48AM
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