डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति विशिष्ट पहचान पत्र (यूनिक डिसएबिलटी आइडेंटी कार्ड) के लिए सेवा केंद्रों या जिला /ब्लॉक / तहसील स्तर पर सरकारी अस्पतालों में या निजी तौर पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। दिव्यांग व्यक्ति स्वयं का नाम कार्ड के लिए दर्ज करवाने के लिए सेवा केन्द्रों या सरकारी अस्पतालों के जरिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड या उम्र का कोई सबूत, पासपोर्ट साइज की फोटो के साथ अप्लाई कर सकता है। इस कार्ड के द्वारा नेत्रहीनों को सरकारी बसों में मुफ्त सफ़र की सुविधा होगी और अन्य दिव्यांग व्यक्तियों को सरकारी बसों में रियायती दरों 50 प्रतिशत पर सफर की सुविधा दी जाएगी। डीसी ने बताया कि मेडिकल चेकअप के लिए विशेष कैंप सिविल अस्पताल में मंगलवार और गुरुवार को लगाए जा रहे हैं।
आवेदक दिव्यांगता सर्टिफिकेट से पहले अस्पताल आ सकते हैं, जहां आर्थोपेडिक्स, ईएनटी और आंखों के माहिर, मनोवैज्ञानिक, पीडियाट्रिक्स और अन्य शारीरिक तौर पर जांच करते हैं। कार्ड लागू करने के साथ सभी स्तरों जैसे कि गांव स्तर, ब्लॉक स्तर, ज़िला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर से लाभपात्रियों की शारीरिक और वित्तीय प्रगति की निगरानी करने में भी सहायता मिलेगी। दिव्यांग व्यक्तियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि उनको मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए बार-बार अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। यूडीआईडी पूरे भारत में अलग-अलग योजनाओं अधीन अलग-अलग लाभ के लिए दिव्यांग की पहचान तस्दीक करने का एक ही एक दस्तावेज होगा।
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December 09, 2020 at 04:58AM
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