गुरु अंगद देव वेटरनरी व एनीमल साइंसेस यूनिवर्सिटी ने देश की वेटरनरी यूनिवर्सिटी में पहला स्थान हासिल किया। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च(आईसीएआर) द्वारा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूट की रैंकिंग की सूची जारी की गई। गडवासू यूनिवर्सिटी 67 एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, वेटरनरी यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूट में से 7वां रैंक हासिल करने में सफल रही। स्टूडेंट्स और फैकल्टी के प्रोफाइल, प्लेसमेंट, रिसर्च पब्लिकेशन, पेटेंट, टेक्नोलॉजी, किसानों तक टेक्नोलॉजी की पहुंच जैसे कई पैरामीटर्स पर रैंकिंग आधारित थी।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. इंद्रजीत सिंह ने फैकल्टी, स्टूडेंट्स और स्टाफ सदस्यों द्वारा यूनिवर्सिटी के विकास में निभाए जा रहे किरदार के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा पशुपालन रिसर्च, टीचिंग और एक्सटेंशन में योगदान दिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी द्वारा कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ वेटरनरी, डेयरी और मछलीपालन क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कई एमओयू साइन किए गए हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी द्वारा एडवांस्ड फैकल्टी ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहते हैं। यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई कई टेक्नोलॉजी बड़े स्तर पर पशुपालक किसानों, इंडस्ट्री, एंटरप्रेन्योर्स तक उपलब्ध करवाई जाती रहती हैं।
किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी
यूनिवर्सिटी द्वारा किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए किसानोें, यूथ और महिला किसानों के लिए स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इसमें उन्हें डेयरी और पशु पालन से जुड़े अन्य उत्पादों को बनाने के बारे में भी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी द्वारा पशुपालकों, इंडस्ट्री और एंटरप्रेन्योर्स के लिए नई तकनीक एबी तैयार की जाती है जिससे कि उनके व्यापार में इजाफा हो और आमदनी में बढ़ोतरी हो सके।
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December 07, 2020 at 05:13AM
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