प्रदेश में 10 दिन की देरी से सक्रिय हुआ मॉनसून गर्मी से राहत के साथ आंधी की आफत भी लेकर आया। शनिवार आधी रात के बाद आंधी के साथ तेज बारिश हुई। अंधड़ में प्रदेशभर में हजारों पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे रास्ते बाधित होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। रविवार देर शाम तक सड़कों से पेड़ हटाए जाने का काम जारी रहा। वहीं, बिजली के पोल गिरने से कई गांवों और शहरों में 10 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली सप्लाई बाधित रही।
प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, दादरी में हुआ। यहां बिजली बाधित होने से पानी की दिक्कत हो गई। दोपहर बाद ज्यादात्तर जगह बिजली आर्पूति सुचारु हो गई, लेकिन कई गांवों में देर शाम तक काम चलता रहा। वहां सोमवार को ही बिजली आ पाएगी। करनाल की गलियों में काफी पानी भर गया। गलियों को देखों तो नहर की तरह दिखाई पड़ रही थी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कई दिनों तक बरसात का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में बरसात की कमी वाले जिलों में भी फसलों को लाभ होगा, जबकि लोगों को गर्मी से भी काफी हद तक राहत मिल सकेगी। इस बरसात से सभी तरह की फसलों को लाभ मिलेगा।
प्रदेश के जिलों में तेज अंधड़ के साथ आई बारिश से क्या नुकसान हुआ
साेनीपत : शनिवार रात दाे बजे आंधी व बरसात शुरू हाे गई। आंधी से जिलेभर में बिजली के 14 पाेल टृट गए। जबकि 40 से अधिक पेड़ और उनकी टहनियां टूटकर बिजली लाइन पर गिर गई। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हाे गई। बिजली आपूर्ति सामान्य करने के लिए कर्मचारियाें ने रात से पेट्राेलिंग शुरू कर दी। सुबह करीब 11 बजे शहरी क्षेत्र में आपूर्ति सामान्य हाे पाई।
यमुनानगर में पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए। जिससे बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहरी एरिया में बिजली आपूर्ति 10 बजे तक बहाल कर दिया गया, लेकिन जठलाना, छछरौली एरिया में बिजली आपूर्ति शाम तक बहाल की गई। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया। इस एरिया के लोगों को हैंडपंप से पानी लाना पड़ा। बूड़िया व जठलाना का फीडर भी फेल हो गया।
सिरसा में शहर की सड़कें व गलियां बारगी जलमग्न हो गई और 15 निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। जबकि आंधी से बिजली की लाइनें डैमेज होने से शहर व जिला के 60 गांव में मध्य रात्रि के बाद 10 घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रविवार दोपहर तक बिजली उपभोक्ताओं की 750 शिकायतें दर्ज हुई। टीमों ने दोपहर बाद तक अधिकांश इलाकों की बिजली सप्लाई को दरुस्त कर लिया गया।
माॅनसून के सीजन में आधे प्रदेश में अधिक, आधे में कम हुई बरसात
हरियाणा में मानसून सीजन में सामान्य से करीब 13 फीसदी अधिक बरसात हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में समूचे प्रदेश में बरसात हुई है। अब तक 11 जिलों में सामान्य से अधिक और शेष 11 में सामान्य से कम बरसात हुई है।
जीटी बेल्ट के अलावा दक्षिण व पश्चिम के जिले भी कहीं तर बतर हो गए हैं तो कहीं अभी भी सामान्य से काफी कम बरसात हुई है। प्रदेश में अब तक करीब 19 लाख हेक्टेयर में खरीफ की फसलें हैं। इनमें कपास 7.25 लाख, बाजरा दो लाख हेक्टेयर, छह लाख हेक्टेयर में धान के अलावा ज्वार, मक्की, ग्वार, हरा चारा और दलहन व तिलहन की फसलें हैं।
1 जून से 5 जुलाई तक यहां ज्यादा बारिश
- करनाल-160.7 एमएम- 82 फीसदी अधिक
- कुरुक्षेत्र-157.4 एमएम- 84 फीसदी अधिक
- कैथल-99 एमएम- 102 फीसदी अधिक
- जींद-83.4 एमएम- 49 फीसदी अधिक
- सिरसा-51.9 एमएम- 42 फीसदी अधिक
- फरीदाबाद-122.8 एमएम- 117 फीसदी अधिक
- झज्जर-82.3 एमएम- 83 फीसदी अधिक
- रेवाड़ी-76.8 एमएम- 54 फीसदी अधिक
- सोनीपत-74.3 एमएम- 16 फीसदी अधिक
- फतेहाबाद-46.8 एमएम- 5 फीसदी अधिक
- गुड़गांव-71.3 एमएम- 13 फीसदी अधिक
यहां है बरसात की कमी
- यमुनानगर-127.1 एमएम- 17 फीसदी कम
- पानीपत-65.8 एमएम- 6 फीसदी कम
- हिसार-39.4 एमएम- 19 फीसदी कम
- पंचकूला-55.7 एमएम- 62 फीसदी कम
- अम्बाला-111.7 एमएम- 22 फीसदी कम
- भिवानी-30.7 एमएम- 35 फीसदी कम
- रोहतक-35.3 एमएम- 52 फीसदी कम
- महेंद्रगढ़-38.8 एमएम- 40 फीसदी कम
- मेवात-50.8 एमएम- 20 फीसदी कम
- पलवल-24.3 एमएम- 46 फीसदी कम
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दैनिक भास्कर,,1733
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