कोरोना महामारी से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो गई है और शिक्षा प्रणाली पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में कर्फ्यू-लॉकडाउन लागू कर दिया गया था, जिस कारण सभी स्कूल-काॅलेज बंद हो गए।
अभी शिक्षण संस्थानों के खुलने की संभावना नहीं है। स्टूडेंट्स की शिक्षा के नुकसान की पूर्ति के लिए स्कूलों ने ऑनलाइन शिक्षा देना शुरू किया है।
ऑनलाइन स्टडी उपयोगी साबित हो रही है, वहीं बच्चों पर स्टडी के दौरान मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है।
अविभाभक गुरप्रीत सिंह, गुरिंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चों को घंटों तक मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन के आगे बैठना पड़ता है। बच्चे आंखों में दर्द, आंखों से पानी बहना, सिर दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत करते हैं।
20 मिनट बाद 20 सेकेंड के लिए आंखों को रेस्ट देना जरूरी, ब्राइटनेस रखें कम
सेहत केंद्र फतेहाबाद आंखों के माहिर डाॅ. कुलविंदर सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों को आंखों की बीमारियों की शिकायतें ज्यादा सामने आ रही है।
रोज 15 बच्चे आंखों का दर्द और पानी बहने की शिकायत लेकर आते हैं। अब तक करीब 500 बच्चों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल सही नहीं है, जबकि आंखों की देखभाल जरूरी है। बच्चों को हर 20 मिनट बाद 20 सेकेंड के लिए आंखों की को रेस्ट देना जरूरी है।
आंखों में जलन होने पर पानी के छींटें लगाए जाएं, स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें, लेट कर मोबाइल न देखें, लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स का प्रयोग करें। हरी सब्जियां, बादाम, दूध, मौसमी फल आंखों के लिए फायदेमंद हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/2O6HJAB
July 09, 2020 at 05:02AM
No comments:
Post a Comment