इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर गोइंदवाल साहिब में सोमवार को स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए लड़कियों का टेस्ट पारदर्शी ढंग से लिया गया।
मगर परीक्षार्थियों के साथ आए अभिभावकों को सेंटर के बाहर धूप में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेंटर के बाहर अभिभावकों के लिए न तो पीने वाले पानी की व्यव्स्था और न ही बैठने के लिए कोई प्रबंध था।
गौर हो कि इंस्टीट्यूट रिहायशी एरिया से 2 किलोमीटर दूर है और वहां पर कोई कैंटीन नहीं है और न आसपास कोई दुकान है।
अभिभावकों नरेश कुमार, सर्बजीत कौर, कमलजीत कौर, सुखदेव सिंह, राकेश कुमार, राजेंदर कुमार ने बताया कि वह अपनी बेटियों के नर्सिंग टेस्ट के लिए गांव और शहर से आए हैं। 2 घंटे तक चलने वाले टेस्ट के दौरान कैंपस प्रबंधकों ने न तो पीने के पानी का इंतजाम किया और न ही धूप से बचाव के लिए कोई प्रबंध किया है।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कोरोना के चलते सरकार के निर्देशों का सही से पालन नहीं किया है। वहीं, प्रिंसिपल चरणजीत कौर ने कहा कि टेस्ट के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को कैंपस के अंदर दाखिल होने की मनाही है और टेस्ट पारदर्शी ढंग से लिया जा रहा है।
बच्चों के माता-पिता के लिए किसी तरह के प्रबंध के लिए उनको कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। नर्सिंग टेस्ट की प्रक्रिया के लिए नोडल अफसर के तौर पर नियुक्त नायब तहसीलदार हृदयपाल सिंह ने कहा कि तरनतारन डीसी के निर्देशों पर रीजनल सेंटर के प्रबंधकों को टेस्ट देने के लिए आए विद्यार्थियों के लिए सभी तरह के जरूरी प्रबंध करने के लिए कहा गया है, जबकि बच्चों के साथ आए अभिभावकों के लिए कोई प्रबंध करने के निर्देश नहीं हैं।
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July 07, 2020 at 05:17AM
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