Amazon

Thursday, July 9, 2020

चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की जांच कराए सरकार : मन्ना

कोरोना की जाली रिपोर्ट और फर्जी इलाज कर लोगों से लाखों वसूलने के मामले में तुली लैब और ईएमसी अस्पताल पर विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

बुधवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सेक्रेटरी मनदीप सिंह मन्ना ठगी का शिकार लोगों को लेकर ईएमसी अस्पताल पहुंचे। लेकिन पुलिस ने बैरीकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।

इसी दौरान ईएमसी अस्पताल का स्टाफ आ गया और दोनों ओर से एकदूजे पर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे।

मन्ना ने कहा कि यह अस्पताल पहले राम शरण कक्कड़ चेरिटेबल अस्पताल होता था, अब यह पवन अरोड़ा के नाम पर कैसे हो गया? वहीं ईएमसी अस्पताल पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए सन्नी अरोड़ा ने कहा कि पिता रेलवे मुलाजिम है और मां को अस्पताल ने कोरोना पॉजीटिव बताकर भर्ती कर लिया।

22 जून से उन्हें तीन दिनों तक वेंटीलेटर पर रखा गया। इस दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर रेलवे का इस अस्पताल से करार खत्म करने की मांग की है।

गिलवाली गेट निवासी राहुल ने कहा कि उनकी मां-पिता और भाई को काेरोना पॉजीटिव बताकर 19 लाख रुपए का बिल थमा दिया। 29 वर्षीय भाई की मौत हो गई।

उसने 6 लाख रुपए देकर और पैसे देने में असमर्थता जताई तो अस्पताल ने इलाज बंद कर दिया। विक्की चीदा ने भी ईएमसी अस्पताल को फोन कर पैसे कम करने काे कहा तो उनसे भी अभद्र शब्द बोले गए।

तुली लैब का माइक्रोबायोलॉजिस्ट घर बैठे कर रहा था टेस्ट

मन्ना ने आरोप लगाया कि तुली लैब के माइक्रोबायोलॉजिस्ट घर पर कोरोना की रिपोर्टें बना रहे थे। जांच में पता चला है कि वह आज तक लैब पर ही नहीं गए, इसकी जांच सीसीटीवी फुटेज से की सकती है।

वह किस अथॉरिटी से घर पर ही रिपोर्ट बना रहे थे यह जांच का विषय है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पीड़ितों के साथ मनदीप सिहं मन्ना।

https://ift.tt/2O72jRl
July 09, 2020 at 04:36AM

No comments:

Post a Comment