मल्टीपर्पज हेल्थ इंप्लाइज यूनियन फीमेल ने वीरवार को सिविल अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड बैंक के सामने मांगों को लेकर सरकार व विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस मौके फीमेल कर्मचारियों ने लंबित मांगों को जल्द लागू करने की मांग की।
इस दौरान संगठन ने फैसला लिया कि पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का जमकर विरोध करेंगे। इसके विरोध में (आशा वर्कर) बठिंडा यूनिट की फीमेल कर्मचारियों ने काम का बायकाॅट करते हुए 3 दिनों के लिए हड़ताल शुरू कर दी है।
इस मौके पर जिला कनवीनर सुरंजना रानी ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते आशा वर्करों को सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है और न ही पंजाब सरकार द्वारा उन्हें ग्रेड अनुसार वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उन्हें 2500 रुपए और फैसिलेटर्स वर्करों को 2000 रुपए प्रति माह मान भत्ता के तौर पर दिया रहा था, सरकार द्वारा वर्तमान में उक्त सुविधा बंद कर दी गई है।
सेहत विभाग द्वारा कोरोना महामारी में आशा वर्करों को फ्रंट लाइन में खड़ा कर उनसे 12 से 14 घंटे तक काम लिया जा रहा है। डोर टू डोर सर्वे भी कर रही, जिसके एवज में उन्हें मात्र चार हजार रुपए वेतन दिया जा रहा है।
सुरंजना रानी ने कहा कि हड़ताल तीन दिनों के लिए शुरू की गई है, अगर मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। इस मौके पर जोगिन्दर कौर, जसवीर कौर, परनीत कौर, रानी, सुनीता, वीरपाल गोनियाना, मंजू, निशा, सविता रानी, अमन, स्वर्ण कौर, मनजीत कौर के अलावा अन्य फिमेल कर्मचारी उपस्थित रही।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/2AJ0iaU
July 10, 2020 at 04:38AM
No comments:
Post a Comment