कोरोनावायरस के बीच पीएफ धारकों को पैसों की तंगी न आए, इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) विभाग द्वारा पिछले महीनों बड़ा बदलाव किया गया था। ईपीएफओ द्वारा पूरे देश में ‘कोविड-19’ प्रॉवीजन को एड किया गया था। जालंधर रीजन ऑलफिस से भी हजारों पीएफ सदस्यों ने इस नॉर्म्स के तहत करोड़ों रुपए निकलवाए है।
इस नए बदलाव के तहत कर्मचारी अपनी 3 महीने की बेसिक सैलरी या फिर जमा पीएफ का 75 फीसदी निकलवा सकते हैं, लेकिन इन दोनों में से जो कम अमाउंट बनेगी, उसे वही अमाउंट मिलेगी। इसके लिए ऑनलाइन ही अप्लाई किया जा रहा है और करीब 3 दिन के अंदर पैसे पीएफ धारक के अकाउंट में पहुंच रहे हैं।
जालंधर सहित चार जिलों के कर्मचारियों ने एक अप्रैल से 24 जून तक 18,419 लोगों ने पीएफ निकलवाने के लिए आवेदन किया था और 95 करोड़ 01 लाख रुपए सभी पीएफ मेंबरों के अकाउंट में सीधा भेज दिए गए हैं। इसमें ज्यादातर लोगों ने ‘कोविड-19’ स्कीम के तहत पैसे निकलवाने का आवेदन किया था। कोरोना के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट के हालात में कंपनियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत पीएफ विभाग की तरफ से यह बदलाव किए गए हैं।
3 दिन में 99% क्लेम पास : रीजनल पीएफ कमिश्नर
रीजनल पीएफ कमिश्नर सुनील कुमार यादव ने बताया कि कोविड महामारी के बीच लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ईपीएफओ डिपार्टमेंट ने कुछ बदलाव करते हुए ‘कोविड-19’ नियम को एड किया था। इसके तहत अगर कोई भी कर्मचारी पीएफ से पैसे निकलवाता है तो उसका असर उसकी पेंशन पर नहीं पड़ेगा और न ही इस पैसे पर कोई टैक्स लगेगा।
नियमों के मुताबिक तब टैक्स लगता है जब पीएफ सदस्य की नौकरी पांच साल से कम हो, पीएफ का पैसा 50 हजार से ज्यादा हो और नौकरी छोड़ने के बाद पूरा पीएफ निकलवाया जाता है लेकिन इस नए नियम के तहत कोविड का पैसा ऑटो सेटल हुआ है। लोगों को किसी तरह की समस्या न आए, इसके लिए 99 फीसदी क्लेम 3 दिन के अंदर पास किए गए हैं। लोगों की सुविधा के लिए ही ऑनलाइन काम चल रहा है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/3i8gtj0
June 28, 2020 at 05:17AM
No comments:
Post a Comment