सेवा केंद्रों पर पेंडेंसी खत्म करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है। राज्यभर में पेंडेंसी खत्म करने के मामले में जालंधर 0.30 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे नंबर पर आ गया है, जबकि संगरूर 0.13 प्रतिशत अंक लेकर पहले नंबर पर बना हुआ है।
15 जून से पहले सेवा केंद्रों की पेंडेंसी करीब 24 हजार थी, इसे खत्म करने के लिए जिला प्रशासन की बीते 10 दिनों में 6 बार अधिकारियों की मीटिंग हुई। इनमें करीब 11 घंटे केवल सेवा केन्द्रों की पेंडेंसी कैसे खत्म हो, इसको लेकर हर मीटिंग में मंथन हुआ। बताते चलें कि 15 जून को जब डीसी घनश्याम थोरी ने जॉइन किया था, उस समय सेवा केंद्रों की पेंडेंसी करीब 24 हजार थी, केवल 10 दिन में ही यह घटकर यह 300 के करीब रह गई हैं।
डीसी लगातार सेवा केंद्रों पर दस्तावेजों की पेंडेंसी कम करने पर जोर दे रहे हैं, जालंधर में संगरूर की तुलना में पेंडेंसी करीब 50 फीसदी से अधिक रही है, इसको देखते हुए डीसी ने प्रशासनिक कार्यालयों में ठीक प्रकार से काम नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताई थी।
उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि सेवा केन्द्रों की तरफ से लोगों को सेवाएं उपलब्ध करवाने में जीरो टोलरेंस नीति को होगी।डीसी का मानना है कि यदि सेवा केंद्रों में पेंडेंसी कम होगी तो लोग परेशान नहीं होंगे, और प्रशासन में लोगों का आना-जाना भी कम होगा।
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June 26, 2020 at 05:06AM
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