गुड्स एंड सर्विस टैक्स में नए नोटिफिकेशन और सर्कुलर के तहत कुछ बदलाव करने के साथ ही स्थिति भी स्पष्ट की गई है। जिसके तहत जीएसटी में जारी किए जाने वाले सभी आर्डर/नोटिस/ रिफंड एप्लीकेशन और लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एक्सपोर्ट केसों के लिए) और अन्य दस्तावेज जिन्हें फाइल करने की अंतिम तिथि 20 मार्च 2020 से लेकर 30 अगस्त 2020 तक आती है, को बढ़ा कर 31 अगस्त कर दिया गया है।
हालाकि इसमें ई वे बिल, गुड्स इन ट्रांजिट की इंस्पेक्शन कवर नहीं की गई है। नोटिफिकेशन नंबर 52/2020 और 51/2020 सेंट्रल टैक्स को स्पष्ट करने के लिए 24 जून को सर्कुलर निकाला गया है।
इसमें जीएसटीआर थ्री बी (मंथली रिटर्न) पर लगने वाला ब्याज और लेट फीस की स्थिति स्पष्ट की गई है। वहीं इसकी आखिरी तिथि को दो हिस्सों में बांटा गया है।
जिन करदाताओं की टर्नओवर 5 करोड़ से ज्यादा है, वह अगर फरवरी 2020, मार्च 2020 और अप्रैल 2020 की जीएसटीआर थ्री बी 24 जून तक फाइल कर चुके हैं तो कोई लेट फीस नहीं लगेगी।
वहीं अगर ये रिटर्नें 24 जून 2020 के बाद फाइल की जाएंगी तो इनकी लेट फीस फरवरी, मार्च, अप्रैल की रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि से पड़ेगी। जैसे कि फरवरी 2020 की थ्री बी ड्यू डेट 20 मार्च थी लेकिन इसे भरने की छूट 24 जून तक दी गई थी, वहीं लेट फीस 21 मार्च से लगेगी।
इसी तरह से अगर फरवरी 2020 की जीएसटीआर थ्री बी 5 अप्रैल 2020 तक फाइल कर दी जाती है तो ब्याज से छूट थी। वहीं इसके बाद 6 अप्रैल से लेकर 24 जून तक रिटर्न फाइल करने पर सालाना 9 फीसदी और इसके बाद फाइल करने पर 18 फीसदी सालाना ब्याज पड़ेगा।
इसके अलावा 5 करोड़ से नीचे वाले केसों में मार्च 2020 की जीएसटीआर थ्री बी 5 जुलाई तक फाइल करने पर कोई लेट फीस नहीं है। 24 अप्रैल 2020 से जुर्माना लगना शुरू होगा।
वहीं ब्याज की बात करें तो 5 जुलाई 2020 तक रिटर्न फाइल करने पर कोई ब्याज नहीं है और 6 जुलाई से 30सितंबर 2020 तक रिटर्न फाइल करने 9 फीसदी सालाना और 30 सितंबर के बाद 18 फीसदी सालाना ब्याज लगेगा।
1 जुलाई से 30 सितंबर 2020 तक भरी जाती है तो प्रति रिटर्न 500 रुपए जुर्माना :
सीए यथार्थ सहगल ने बताया कि अगर किसी व्यापारी की जुलाई 2017 से लेकर जनवरी 2020 तक की जीएसटीआर थ्री बी मंथली रिटर्न अभी तक फाइल नहीं की गई है तो इन्हें भरने पर अधिकतम जुर्माना 10 हजार प्रति रिटर्न था।
वहीं अब सरकार ने कहा है कि अगर यह रिटर्न 1 जुलाई 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 तक भरी जाती है तो प्रति रिटर्न 500 रुपए जुर्माना ही लगेगा।
इसी तरह से अगर 6 महीने तक रिटर्न नहीं भरने के कारण जीएसटी नंबर कैंसिल करने के आर्डर 12 जून 2020 तक किए गए हैं तो उस केस में वो नंबर कैंसिलेशन आर्डर रिसीव होने या 31 अगस्त 2020 (दोनों में से जो डेट बाद में हो) उसके 30 दिन के अंदर नंबर री-स्टोर करवाने के लिए एप्लीकेशन दी जा सकती है।
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June 30, 2020 at 05:07AM
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