मकसूदां मंडी में हर रोज 8 से 10 टन कूड़ा निकल रहा है। मंडी के अंदर कूड़े का पहाड़ बन चुके हैं, जो आसपास के लोगों और मंडी में काम करने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। बरसात के दिनों में कूड़े की बदबू पूरे इलाके और मंडी में फैल जाती है जिससे व्यापार करना मुश्किल हो जाता है।
5 महीने पहले जिला मंडी बोर्ड द्वारा 8 करोड़ रुपए का टेंडर लगाया गया था जिसमें बायोवेस्ट प्लांट और मंडी में कूड़े की सफाई का ठेका शामिल था। चंडीगढ़ की 2 कंपनियों ने टेंडर तो भरे, लेकिन बाद में हाथ पीछे खींच लिए। अब जिला मंडी मार्केट कमेटी ने दोबारा से टेंडर लगा दिए हैं। मार्केट कमेटी के अधिकारी का कहना है कि उम्मीद है कि इस बार टेंडर हो जाएगा और मंडी के अंदर गंदगी खत्म हो जाएगी।
एक दिन में करोड़ों रुपए का कारोबार करने वाली मकसूदां मंडी में आढ़ती और सब्जी विक्रेता गंदे पानी में सब्जी बेचने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि बरसाती पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। डीएमओ दविंदर सिंह कैंथ ने बताया कि मंडी में बायोवेस्ट प्लांट का टेंडर लगा दिया है। जो टेंडर अधिक भरेगा, उसे प्लांट बनाने, सफाई का ठेका दिया जाएगा।
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June 30, 2020 at 05:06AM
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