सरकारी स्कूलों के बच्चे अब बिजली जाने पर भी गर्मी में नहीं बैठेंगे। बारिश या तूफान में भी सरकारी स्कूलों की बत्ती चालू रहेगी। यह संभव होगा सरकारी स्कूलों में सोलर प्लांट लगने ने।
शिक्षा विभाग ने सौर ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाते हुए सरकारी स्कूलों में सोलर प्लांट लगवाने का फैसला किया है। इससे जहां लाखों रुपए का बिजली बिल कम होगा, वहीं पर्यावरण प्रदूषण भी रुकेगा।
शिक्षा विभाग ने सोलर प्लांट लगाने के पहले फेज में सीनियर सेकंडरी स्कूलों को चुना है जहां ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट से हर महीने तकरीबन 600 यूनिट बिजली उत्पादन होगा। इस सूची में अमृतसर जिले के 20 स्मार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।
पेडा ने दिल्ली-नोएडा की कंपनियों को दिया वर्क ऑर्डर, 25 साल की लाइफ वाले सोलर पैनल की 5 साल मेंटेनेंस भी करेंगी
प्रदेशभर के 880 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में शुरुआती चरण में 5-5 किलोवाट के ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (पेडा) स्कूलों के चयन के बाद सर्वे पूरा कर टेंडर के बाद दिल्ली और नोएडा की कंपनियों को वर्क ऑर्डर जारी कर चुकी है।
ये कंपनियां स्कूलों में 25 साल की लाइफ वाले सोलर पैनल इंस्टाल करेगी। साथ ही एनुअल मेंटेनेंस कांट्रेक्ट के तहत कंपनियां 5 साल इन पैनल की देखभाल भी करेगी।
तय योजना के मुताबिक अभी तक स्कूलों में सोलर प्लांट लगने का काम शुरू हाे जाना था मगर लॉकडाउन के चलते इसमें रुकावट अा गई। अगले कुछ दिनाें में साेलर पैनल इंस्टॉल करने का काम शुरू हाे जाने की उम्मीद है।
विभाग को सालाना सवा 6 कराेड़ रुपए के बिजली बिलों से मिलेगी निजात, कनेक्शन कटने की नौबत भी नहीं आएगी
सोलर प्लांट लगने के बाद शिक्षा विभाग को स्कूलों के बिजली बिल से मुक्ति मिल जाएगी। एक अनुमान के अनुसार हर सी.से. स्कूल का दो माह का बिल 12 हजार रुपए अाता है।
यानि हर स्कूल सालाना 72 हजार का बिजली बिल भरता है। प्रदेश के 880 सी.से. स्कूलों में सोलर पैनल लगने से इनके बिजली बिल के रूप में सालाना दिए जाने वाले 6 करोड़ 33 लाख 60 हजार रुपए की बचत होगी। स्कूल को बिल जमा न होने पर कनेक्शन कटने जैसी नौबत भी नहीं अाएगी।
अतिरिक्त बिजली पावरकॉम को बेचेंगे
हर स्कूल में 2.90 लाख रुपए से लगने वाले 5 केवी के सोलर पैनल नेट मीटरिंग पर आधारित हाेंगे जिनसे रोज 20 यूनिट बिजली बनेगी। स्कूल की जरूरत पूरी हाेने के बाद अतिरिक्त बिजली पावरकॉम को ट्रांसफर हाेगी।
यानि ग्रिड कनेक्टेड प्लांट की बदौलत स्कूलों काे अतिरिक्त बिजली से आमदनी भी हाेगी।
अमृतसर के 20 स्मार्ट स्कूलों में लगेंगे पैनल
सरकार की योजना के तहत पहले चरण में अमृतसर जिले के 20 सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूलों में साेलर पैनल लगेंगे। पहले चरण के बाद जाे स्कूल रह जाएंगे, उन्हें दूसरे चरण में कवर किया जाएगा।
- सतिंदरबीर सिंह, डीईओ (सेकेंंडरी) अमृतसर
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June 30, 2020 at 04:23AM
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