फगवाडा गेट से हरियाणा के गैंगस्टर अजय खेडी शेरखां का पनाह दाता प्रॉपर्टी डीलर कर्मजीत सिंह से कैथल के सीआईए स्टाफ में लंबी पूछताछ की गई। गांव बुलंदपुर के रहने वाले कर्मजीत ने माना कि वह कोई क्रिमिनल नहीं है, मगर जायदाद पर कब्जे करने को लेकर उस पर केस दर्ज हुए थे। इस दौरान उसकी दोस्ती अजय से हो गई थी। वह विवादित जायदाद खरीद लेता था और जमीन के सौदे में अजय की मदद लेता था।
अजय अकसर उसके पास आता था, क्योंकि जालंधर उसके लिए बेहद सेफ था। कर्मजीत ही अजय के रुकने के सारे इंतजाम करता था। कभी उसे होटल में रुकवा देता था, तो कभी खरीदे गए घर में। कर्मजीत पर पनाह देने का केस दर्ज किया गया है। एसपी शशांक कुमार सावन ने कहा कि उसे थाने में ही जमानत देकर छोड़ दिया जाएगा। एसपी ने कहा कि अजय की पूछताछ में यह बात क्लियर हो चुकी है कि कर्मजीत उसके किसी संगीन जुर्म में लिप्त नहीं था। दूसरी ओर गांव बुलंदपुर के लोग भी हैरान हैं कि कर्मजीत की यारी एक गैंगस्टर से थी। गांव में अब कर्मजीत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कत्ल, अपहरण, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराध में वांछित था अजय, चार जिलों में 11 मामले हैं दर्ज
हरियाणा पुलिस ने अजय खेड़ी शेरखां को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। एक लाख के इनामी बदमाश बदमाश अजय के खिलाफ प्रदेश के चार जिलों में 11 केस दर्ज हैं। इनमें 10 केस कुरुक्षेत्र, जींद व अंबाला जिला के थाना में दर्ज है। वह हत्या, अपहरण, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराध को पड़ोसी जिला में अंजाम देकर ही अपना खौफ पैदा करता रहा, जबकि कैथल में अपनी छवि साफ रखने के प्रयास में था। यही कारण है कि अजय के खिलाफ कैथल में जमानत लेकर जेल वापस न जाने का ही केस दर्ज है। दो दिन के रिमांड के दौरान सीआईए पता लगाएगी की भूमिगत रहने के दौरान अजय ने साढ़े तीन साल का समय किसकी शरण में रहकर गुजारा। उसे पनाह देने में कितने लोग शामिल रहे और इस दौरान उन्होंने कितनी वारदातों को अंजाम दिया।
एसपी शशांक ने कहा- साढ़े 3 साल से अजय को पकड़ने में जुटे थे, ऑपरेशन न करते तो भाग जाता
कैथल के एसपी शशांक कुमार सावन ने वीरवार को मीडिया में सारे ऑपरेशन को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि हम साढ़े तीन साल से गैंगस्टर अजय की तलाश में थे, मगर वह हर बार गच्चा दे रहा था। इस बीच पुख्ता सूचना मिली कि अजय जालंधर में है और प्रॉपर्टी डीलर कर्मजीत के टच में है, जिससे बाद सीआईए-वन अनूप सिंह की सुपरविजन में टीमें अजय को पकड़ने के लिए भेजी गई थीं। जालंधर में टीमें पहुंचीं तो पता चला कि वह सिटी के अंदर कार में घूम रहा था। उनकी टीम ने कार का पीछा किया तो कार दौड़ा ली गई।
इसलिए भीड़ भाड़ वाले फगवाड़ा गेट में आई कार के टायर में गोली मार कर पंचर कर दिया। अजय तब भी पुलिस के हाथ नहीं आया। वह खुद के बचाव के लिए दुकान के अंदर घुसने लगा और फिर गली में दौड़ा। उनकी टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। एसपी ने कहा कि ऑपरेशन इतनी जल्दी हो गया कि जालंधर पुलिस को सूचना नहीं दे सके। अगर हम सूचना देने की प्रकिया में जुट जाते तो अजय फिर उनकी गिरफ्तार से निकल जाता। इसलिए ऑपरेशन के सफल हो जाने के बाद उनकी टीम ने जालंधर पुलिस को सूचना दी। एसपी ने हंसते हुए कहा कि सीआईए स्टाफ बड़े क्रिमिनल ऐसे ही पकड़ती है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा पुलिस के बीच अच्छे रिश्ते है और दोनों के बीच पूरा सहयोग होता है।
अजय पर दर्ज आपराधिक केस
- 8 अप्रैल 2007 को केयूके थाना कुरुक्षेत्र में हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट का केस दर्ज।
- 13 सितंबर 2007 थाना थानेसर में अपहरण का केस दर्ज।
- एक जनवरी 2008 को थाना नारायणगढ़ अंबाला में अपहरण, आम्र्स एक्ट व साजिश रचने का केस दर्ज।
- 15 फरवरी 2008 को थाना केयूके कुरुक्षेत्र में हत्या व साजिश रचने का केस दर्ज।
- 25 जनवरी 2009 को थाना उचाना जिला जींद में हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट का केस दर्ज।
- अक्टूबर 2011 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में छात्र की हत्या को अंजाम दिया।
- 23 नवंबर 2011 को थाना सदर नरवाना में हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट का केस दर्ज।
- 30 मार्च 2013 को थाना सदर नरवाना में हत्या का केस दर्ज।
- 11 अप्रैल 2015 को थाना अलेवा जिला जींद में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज।
- 26 दिसंबर 2016 राजौंद थाना में जमानत लेने के बाद जेल वापस न जाने का केस दर्ज हुआ।
- 9 मई 2016 को थाना नारायणगढ़ जिला अंबाला में अजय को भगौड़ा घोषित होने पर केस दर्ज हुआ।
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June 26, 2020 at 04:46AM
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