आईएमये की तरफ से सीईए के विरोध में मंगलवार को पंजाब भर के प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बंद रखी गईं। इसके चलते मंगलवार को शहीद ऊधम सिंह नगर स्थित ईएसआई अस्पताल में मंगलवार की ओपीडी एक हजार से अधिक रही। इस दौरान सुबह 11 बजे हरबंस नगर की रहने वाली महिला का नाक से खून बहने के चलते पहले परिवार के सदस्य उसे प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए, जहां उसका इलाज करने से मना कर दिया और सिविल अस्पताल भेज दिया।
वहीं आईएमए के जिला प्रधान डॉ. पंकज पाल ने बताया कि नो वर्क डे के मौके मरीजों को कोई निजी अस्पताल में आने पर कोई परेशानी न हो, इसके चलते अधिकतर अस्पतालों के बाहर एंबुलेंस खड़ी की गई थीं, जो मरीजों को पिम्स और सिविल अस्पताल में छोड़ कर आ रहे थे।
मंगलवार को जिले के 200 अस्पतालों में से 166 अस्पतालों की सेवाएं बंद रही। मंगलवार को आईएमए हाउस में एसोसिएशन की तरफ से कंट्रोल रूम भी बनाया गया था। इस मौके आईएमए पंजाब के प्रधान डॉ. नवजोत सिंह दहिया, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. राकेश विग, डॉ. बीएस जौहल, डॉ. विकास सूद और अस्पतालों के अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
डॉक्टरों ने सिविल में किया रक्तदान
वहीं मंगलवार को आईएमए के डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान भी किया। यहां पर सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला, सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरिंदर पाल सिंह, सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. कश्मीरी लाल, डॉ. हरीश भारद्वाज, ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. रमन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वहीं पता लगा है कि नो वर्क डे के चलते आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आईएमए के पंजाब इकाई के सदस्यों को चंडीगढ़ बुलाया है, जहां एक्ट को लेकर डॉक्टरों और सरकार के साथ बातचीत होगी।
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June 24, 2020 at 04:40AM
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