(पूजा सिंह) शिक्षा मंत्री विजयइंदर सिंगला की ओरसे प्राइवेट स्कूलाें द्वारा फीस मांगें जाने, किताबाें का रेट ज्यादा लगाने जैसी शिकायताें का निपटारा करने के लिए 20 मई काे हरेक जिले में जांच कमेटी बनाई गई थी। इसमें हर जिले के शिक्षा अधिकारी व नाेडल अफसर शामिल थे। एक महीने में जांच कमेटी के पास 300 से ज्यादा शिकायतें पहुंचीं हैं।
अभिभावक फाेन करके पूछते भी हैं कि स्कूल वाले फीस मांग रहे, हमें कितनी जमा करवानी हाेगी। डीईओ सीसे हरिंदरपाल ने कहा कि ज्यादातर अभिभावकाें की यही शिकायत रहती है कि स्कूल वाले फीस मांग रहे हैं, हमने देनी है या नहीं। हमने उन्हें फाेन पर यही सुझाव देते हैं कि अभी पंजाब एंड हरियाणा हाई काेर्ट में केस चल रहा है। काेर्ट की ओर से जाे भी फैसला लिया जाएगा वाे स्कूल प्रबंधक और अभिभावकाें काे मानना पड़ेगा।
प्राइवेट स्कूलों की तरफ से याचिका दायर कर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 14 मई 2020 के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें कहा गया कि प्राइवेट स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा कोई दूसरी फीस नहीं वसूलेंगे। इसमें बिल्डिंग चार्जेज, ट्रांसपोर्टेशन चार्जेज और दूसरे भुगतान शामिल नहीं होंगे। कहा गया कि एक तरफ स्कूलों को निर्देश जारी कर कहा जा रहा है कि टीचर्स की सैलरी में कटौती न करें, वहीं दूसरी तरफ फीस में छूट की बात की जा रही है।
इस पर शिक्षा सचिव की ओर से कहा गया है कि शिक्षा विभाग परिस्थितियां सामान्य होने तक ही इसमें छूट दिए जाने की बात कर रही है। फिर भी यदि स्कूलों को अपना खर्चा निकालने में और वेतन देने में परेशानी आ रही है तो वह संबंधित डीईओ को अप्रोच करें। हालांकि अभी काेर्ट की अाेर से इस मामले पर फैसला सुरक्षित रखा गया है। स्कूल प्रबंधक व पैरेंट्स काे फैसले का इंतजार है, लेकिन इसी बीच डीईओ के पास कुछ इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं ।
इंटरनेट के पैसे भी मांग रहे
वहीं कुछ अभिभावकाें की ये भी शिकायत रही कि स्कूल वाले ट्यूशन फीस के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट चार्जेज व इंटरनेट के पैसे भी मांग रहे हैं। जब बच्चे स्कूल नहीं जा रहे ताे ये फीस क्याें? कुछ पैरेंट्स की ये भी शिकायत है कि स्कूल ने ऑनलाइन पढ़ाई नहीं करवाई फिर भी फीस मांग रहे हैं।
ऑनलाइन पढ़ाते हुए टीचर बोले- फीस जमा करवा दाे, हमारी सैलेरी रुकी है
कुछ अभिभावकाें की ये शिकायत रही कि शिक्षा मंत्री की ओर से जब केवल ट्यूशन फीस देने के निर्देश दिए गए थे ताे स्कूल प्रबंधक ट्यूशन फीस बढ़ाकर मांग रहे हैं। राेजाना स्कूल की ओर से टीचर्स काॅल या मैसेज करके फीस की डिमांड करते हैं। कई बार जूम ऐप पर पढ़ाते हुए टीचर्स ने ये भी कहा कि आप अपनी फीस जमा करवा दाे, हमारी सैलेरी रुकी हुई है।
किताबाें का दोगुना रेट लगाया जा रहा
कई निजी स्कूल वाले स्कूल के वेंडर से ही किताबें लेने काे प्रेशर डाल रहे हैं और वेंडर की ओर से भी किताबाें का दोगुणा रेट वसूला जा रहा। बुक्स के साथ जबरदस्ती काॅपी लेने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि हमें पूरा सेट नहीं चाहिए।
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June 24, 2020 at 04:37AM
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