कोविड-19 में ईमानदारी से निभाने वाले कर्मचारियों को कंपनियां ने बिना नोटिस दिए निकालने का काम शुरू कर दिया है। कर्मचारी जब काम से निकालने का कारण पूछने दफ्तरों में जा रहे हैं तो उन्हें दफ्तर में ही दाखिल नहीं होने दिया जा रहा है। एक एटीएम एजेंसी ने 12 सालों से काम कर रहे कैश पिकअप और कैश लोड करने वाले 42 कर्मचारी और 4 कर्मचारी जो बैंक में सिक्योरिटी गार्ड हैं को बिना नोटिस के घर में बैठने का हुकम दे दिया है।
कर्मचारियों का एक ही सवाल है कि परिवार कैसे पालेंगे। सिक्योरिटी गार्ड्स ने कहा कि उन्हें निकाल कर नए गार्ड बैंक में रखे जा रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना का रिस्क होते हुए भी काम करते रहे हैं, अब ऐसा सलूक किया जा रहा है। बैंक में गनमैन की जॉब कर रहे सिक्योरिटी गार्ड सुनील कुमार, मनोज कुमार, गगनदीप सिंह और जोगिंदर सिंह ने कहा कि अब नए सिक्योरिटी गार्ड भर्ती करने का टेंडर निकला तो कंपनी ने उन्हें निकाल दिया और उनकी जगह पर फौजियों को सिक्योरिटी गार्ड रख रहे हैं। जबकि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया।
कर्मचारियों ने स्ट्राइक की इसलिए निकाला जा रहा
एटीएम एजेंसी के ब्रांच मैनेजर वेद प्रकाश ने बताया कि कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने बिना बताए ही स्ट्राइक कर ली थी। जो फैसला लिया गया है वे सेंटर से लिया गया है। कंपनी से कर्मचारियों को निकालने की वजह उनकी स्ट्राइक करना था। कर्मचारी उनसे आकर बात करते तो समस्या का हल निकाला जा सकता था, लेकिन पता नहीं किस बात को लेकर स्ट्राइक की गई।
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June 24, 2020 at 04:47AM
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