खेमकरण के गांव कालेके में पंचायती जमीन की निशानदेही के दौरान एक किसान पानी की टंकी पर चढ़ गया, जो करीब 4 घंटे तक टंकी से नीचे नहीं उतरा। जब इंसाफ न मिला तो किसान ने जहरीली दवा निगल ली, जिसे उपचार के लिए भिखीविंड निजी अस्पताल में दाखिला करवाया गया है।
किसान लक्खा सिंह निवासी कालेके ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर कब्जा करने के लिए गांव के सरपंच की ओर से धक्केशाही की जा रही है। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और भिखीविंड पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर किसान को टंकी से नीचे उतारने के काफी प्रयास किए, लेकिन वह नहीं माना।
लक्खा सिंह ने बताया कि गांव का सरपंच सुच्चा सिंह मालकी जमीन 7 कनाल 11 मरले को पंचायती जमीन बताकर जबरदस्ती छुड़वाना चाहता है। यही नहीं सरपंच राजनीति के जोर के साथ जमीन पर कब्जा करना चाहता है। जमीन की वक्फ बोर्ड के साथ अदला-बदली भी की है, जिसका सभी गांव के लाेगाें को पता है।
उक्त मामले के बारे में जिले के अफसरों को लिखित आवेदन पत्र भी दे चुका हूं, लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं होती है। अगर किसी ने धक्केशाही की तो वह जहरीली दवा पीकर आत्महत्या लेगा। किसान ने बताया कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा तब तक वह टंकी से नहीं उतरेगा।
48 कनाल 17 मरले पंचायत की जमीन पर गांव के कुछ लोग कर रहे अवैध कब्जा : निरवैल
उधर, गांव कालेके के मौजूदा सरपंच सुच्चा सिंह ने कहा कि किसान लक्खा सिंह 10 किले पंचायती जमीन को करीब 30 साल से जबरदस्ती जोत रहा है। यही नहीं लक्खा सिंह ने जमीन में से माइनिंग करके मिट्टी भी बेच डाली है।
इस दौरान पंचायत अफसर निरवैल सिंह ने कहा कि गांव कालेके की पंचायत की अाेर से लिखित दर्खास्त दी गई थी कि गांव कालेके की पंचायती जमीन 48 कनाल 17 मरले जिस पर गांव के कुछेक लोग नाजायज कब्जा करके बैठे हैं, जबकि उच्च अफसरों के आदेशों पर जमीन की निशानदेही की जा रही है।
लक्खा सिंह सरकारी काम में विघ्न डालकर निशानदेही को रोक रहा है, क्योंकि यह पंचायत विभाग की ही जमीन है। गौर हो कि भिखीविंड पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और मौके पर ही वापस लौट गई। भिखीविंड के एसएचओ गुरचरण सिंह का कहना है कि अभी तक मामले की जांच की जा रही है और बाद में कार्रवाई होगी।
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June 24, 2020 at 04:46AM
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